बड़ा सवाल: क्या दिल्ली सरकार को तीन दिन पहले ही मिल गई थी सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 22 जून को सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एजेंसी सेक्शन के एक अधिकारी जीएस मक्कड़ के द्वारा उक्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों की जानकारी में लाई गई थी। अधिकारी ने अपने मेल में बताया है कि एक हलफनामे के तौर पर इस अंतरिम रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय सेंट्रल एजेंसी सेक्शन को ई-फाइलिंग के जरिए साझा किया गया है...
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ऑक्सीजन पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रिपोर्ट दिल्ली सरकार को आज के तीन दिन पहले यानी 22 जून 2021 को ही मिल गई थी। ई-मेल के जरिए रात 11.50 बजे इस अंतरिम रिपोर्ट को दिल्ली सरकार से न केवल साझा किया गया था, बल्कि इसकी प्राप्ति रसीद (रिसीविंग रिपोर्ट) भी देने के लिए कहा गया था। इस एफिडेविट को सेंट्रल एजेंसी सेक्शन में 11622/2021 के रूप में दर्ज भी किया गया है। आरोप है कि इस जानकारी के बाद भी दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ऐसी कोई रिपोर्ट न आने की बात कहते रहे। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की किसी कमेटी ने अभी ऐसी कोई रिपोर्ट पेश नहीं की है और अगर ऐसा है तो भाजपा को वह रिपोर्ट उन्हें भी दिखानी चाहिए जिस पर कमेटी के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हों।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 22 जून को सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एजेंसी सेक्शन के एक अधिकारी जीएस मक्कड़ के द्वारा उक्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों की जानकारी में लाई गई थी। अधिकारी ने अपने मेल में बताया है कि एक हलफनामे के तौर पर इस अंतरिम रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय सेंट्रल एजेंसी सेक्शन को ई-फाइलिंग के जरिए साझा किया गया है।
क्या हुआ था विवाद
भाजपा नेता डॉ. संबित पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दिल्ली सरकार ने कोरोना की महामारी के दौरान ऑक्सीजन की फर्जी किल्लत पैदा की। इसके कारण एक तो दिल्ली में ऑक्सीजन उपलब्धता को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना, वहीं दिल्ली को जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन सप्लाई करने के कारण इसी दौरान देश के 12 अन्य राज्यों को ऑक्सीजन उपलब्धता का संकट पैदा हुआ।
नेता ने यह भी कहा कि ऑक्सीजन की कमी से होने वाली इन मौतों के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं और उन पर इसके लिए आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
आप ने बताया रिपोर्ट फर्जी
भाजपा के इस आरोप के तुरंत बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सामने आए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की किसी कमेटी ने अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट भाजपा के मुख्यालय में एक साजिश के तहत बनाई गई है।
दिल्ली भाजपा ने साझा की रिपोर्ट
हालांकि, आप नेता के इस आरोप के बाद दिल्ली भाजपा हरकत में आई और उसने तुरंत सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की उस कथित रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया, जिसके आधार पर उसने दिल्ली सरकार पर ये आरोप लगाये थे। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया को यह रिपोर्ट पढ़नी चाहिए और बताना चाहिए कि उसने ऑक्सीजन की झूठी किल्लत की बात क्यों कही।
उन्होंने कहा कि कोरोना की जिस महामारी के दौरान लोग संक्रमित होकर मर रहे थे, दिल्ली के लोग खुलकर सामने आए, उन्होंने बीमारों-पीड़ितों की हर संभव मदद करने का काम किया। लेकिन दुर्भाग्य है कि ठीक उसी दौरान दिल्ली सरकार झूठी राजनीति कर रही थी, जिसके कारण लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ रही थी। कपूर ने कहा कि अब दिल्ली सरकार को इस मामले पर सामने आकर उन लोगों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने अपने परिवार के लोगों को इस महामारी के दौरान खोया है।
अमर उजाला ने इस खबर पर आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार से टिप्पणी प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन उसके किसी नेता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।