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महिला ने तीन बच्चों के साथ खुद को लगाई आग, वजह जानकर दंग रह गए लोग
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Thu, 26 Oct 2017 12:38 AM IST
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घटना स्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ खुद को आग लगा ली, वजह जानकर लोग दंग रह गए, जानिए क्या है पूरा मामला...
घटना उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की है। मोंठ के बम्हरौली गांव में एक महिला ने अपने तीन बच्चों समेत आग लगाकर खुदकुशी कर ली। चारों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना बुधवार को दिन में करीब तीन बजे हुई।
पढ़ें:- रात में मां के साथ सोए थे दोनों बच्चे, सुबह परिजनों ने देखा तो पैरों तले खिसक गई जमीन
मृतका के पति का आरोप है कि मोहल्ले के ही दो लोगों ने उसकी पत्नी के साथ दो दिन पहले दुष्कर्म कर दिया था, इसके चलते ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के समय मकान का दरवाजा अंदर से बंद था।
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लोगों ने अंदर जाने का काफी प्रयास किया पर दरवाजा न खुलने से ग्रामीण आग बाहर से ही बुझाते रहे। मकान का छप्पर पूरी तरह जल गया है तथा दीवारों में भी दरारें आ गईं हैं। घटना के समय महिला का पति दलू कुशवाहा मजदूरी करने के लिए उरई गया हुआ था।
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घटना उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की है। मोंठ के बम्हरौली गांव में एक महिला ने अपने तीन बच्चों समेत आग लगाकर खुदकुशी कर ली। चारों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना बुधवार को दिन में करीब तीन बजे हुई।
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मृतका के पति का आरोप है कि मोहल्ले के ही दो लोगों ने उसकी पत्नी के साथ दो दिन पहले दुष्कर्म कर दिया था, इसके चलते ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के समय मकान का दरवाजा अंदर से बंद था।
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लोगों ने अंदर जाने का काफी प्रयास किया पर दरवाजा न खुलने से ग्रामीण आग बाहर से ही बुझाते रहे। मकान का छप्पर पूरी तरह जल गया है तथा दीवारों में भी दरारें आ गईं हैं। घटना के समय महिला का पति दलू कुशवाहा मजदूरी करने के लिए उरई गया हुआ था।
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फाइल
- फोटो : सांकेतिक चित्र
बम्हरौली के मुहल्ला भेटावागर में वीरेंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ कच्चे मकान में रहता था। दलू कुशवाहा जनपद जालौन के उरई मुख्यालय पर कृभको संस्था में पल्लेदारी कर परिवार का भरण पोषण करता है। शरीर से विकलांग है।
पढ़ें:- तेलंगाना: खेत और कार में एक ही परिवार के पांच लोगों की मिली लाश, मचा हड़कंप
दलू रोजाना पल्लेदारी करने के लिए सुबह मोंठ से उरई जाता है और देर शाम उरई से वापस लौटता है। बुधवार को सुबह सात बजे दलू उरई चला गया था। घर पर उसकी पत्नी सुनीता (27) वर्ष एवं पुत्री नैन्सी (6 वर्ष), पुत्र गुल्लू (5 वर्ष) और डेढ़ वर्षीय पुत्री रौनक घर पर थी।
दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीणों को अचानक दलू के कच्चे मकान से आग की लपटें निकलती दिखाईं दीं। पड़ोस के लोगों ने धुआं निकलते देखा और दलू के मकान की तरफ दौड़ पड़े। मकान का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की पर वह अंदर से बंद था।
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दलू रोजाना पल्लेदारी करने के लिए सुबह मोंठ से उरई जाता है और देर शाम उरई से वापस लौटता है। बुधवार को सुबह सात बजे दलू उरई चला गया था। घर पर उसकी पत्नी सुनीता (27) वर्ष एवं पुत्री नैन्सी (6 वर्ष), पुत्र गुल्लू (5 वर्ष) और डेढ़ वर्षीय पुत्री रौनक घर पर थी।
दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीणों को अचानक दलू के कच्चे मकान से आग की लपटें निकलती दिखाईं दीं। पड़ोस के लोगों ने धुआं निकलते देखा और दलू के मकान की तरफ दौड़ पड़े। मकान का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की पर वह अंदर से बंद था।
चारों की जलकर हुई मौत
पड़ोसी जगमोहन के मकान से कुछ लोग दीवार पर चढ़े और वहां से मकान के अंदर पानी फेंकना शुरु किया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ लोग कमरे का दरवाजा तोड़ने में जुट गए, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर खिड़की एवं ऊपर खपरैल के रास्ते से पानी की बौछार शुरु की।
कुछ देर में आग बुझ गई, लेकिन तब तक सुनीता के साथ ही उसके तीनों बच्चे नैन्सी, गुल्लू एवं रौनक के शरीर जलकर राख हो गए थे। कमरे में अंदर राशन और साइकिल रखी हुई थी, वह भी सब जल गया।
घटना की सूचना पाकर एसडीएम सुरेंद्र कुमार, सीओ आशापाल सिंह, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, कोतवाल मुकेश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुहल्लेवासियों के सहयोग से चारों शवों को बाहर निकाला।
कुछ देर में आग बुझ गई, लेकिन तब तक सुनीता के साथ ही उसके तीनों बच्चे नैन्सी, गुल्लू एवं रौनक के शरीर जलकर राख हो गए थे। कमरे में अंदर राशन और साइकिल रखी हुई थी, वह भी सब जल गया।
घटना की सूचना पाकर एसडीएम सुरेंद्र कुमार, सीओ आशापाल सिंह, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, कोतवाल मुकेश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुहल्लेवासियों के सहयोग से चारों शवों को बाहर निकाला।