आरबीआई से चोरी कर रहे दो इंजीनियर दबोचे गए
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गुड़गांव आधारित फर्म में काम करने वाले दो मैकेनिकल इंजीनियरों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में करीब पांच साल पहले तैनात किया गया था, लेकिन इंजीनियरों की नीयत डोल गई और करीब 24 लाख रुपए पर हाथ साफ करते हुए पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक पिछले शनिवार को आरोपियों ने करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग सिस्टम मशीन से रुपए चुराए थे। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आरोपियों ने मशीन में ही दो दिन तक रुपयों को छिपाए रखा, आखिर सुरक्षाकर्मियों ने एक्सरे मशीन के जरिए चोरी को उजागर कर दिया और आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपियों के नाम शिया शरन त्रिपाठी (38) और अमित कुमार शर्मा (23) हैं। आरोपियों के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है। अदालत ने दोनों 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए तिहाड़ जेल भेजा है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ आरबीआई के डेप्युटी जनरल मैनेजर एके मोदगिल ने 23 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी, जब सुरक्षाकर्मियों ने त्रिपाठी और शर्मा का दबोच लिया था।
आरोपियों ने कबूला अपना गुनाह-पुलिस
पुलिस के मुताबिक मोदगुल ने बताया पांच साल पर करेंसी नोटों को प्रोसेस करनी वाली मशीन को इस्टॉल किया गया था, तब आरोपियों को मशीन पर लगाया गया था। पुलिस की मानें तो एक सीवीपीएस मशीन से घंटे भर में पचास से साठ हजार नोट प्रोसेस हो जाते हैं।
सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में पता चला है कि सीवीपीएस मशीन में कुछ गड़बड़ी थी, जिससे कि डेटा कार्ड नोटों की जानकारी सेव नहीं कर रहा था। आरोपियों को इस बात की जानकारी थी, तभी दोनों ने रुपयों को चुराने की ठानी। दोनों ने बड़े ही शातिराना अंदाज से मशीन और डेटा कार्ड को बदल दिया और चोरी के रुपए मशीन में ही छिपा दिए।
पुलिस की मानें तो आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया है और उन्हें अपनी करतूत के बारे में पूरी जानकारी दी है। पुलिस की मानें तो दिन के डेढ़ बजे आरोपी बैग में पैसे लेकर निकलने को थे, तभी एक्सरे मशीन में बैग रखने पर दबोचे गए।