किशोर को अगवाकर मांगी 50 लाख की फिरौती, नहीं मिलने पर किया कत्ल
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उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के क्वार्सी इलाके की रामबाग से एक किशोर का अपहरण कर 50 लाख की फिरौती मांगी गई। लेकिन घर वालों ने फिरौती नहीं दी तो किशोर की हत्या कर दी गई।
अपहृत किशोर योगेश भी क्वार्सी पुलिस की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। इससे पहले एक और युवक को अगवाकर उसका कत्ल कर दिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या कर शव हाथरस जंक्शन में रेलवे ट्रैक पर 30 अप्रैल को ही फेंक दिया था और जीआरपी ने उसका अज्ञात में अंतिम संस्कार करा दिया।
यह खुलासा दो लोगों को हिरासत में लेने पर हुआ तो बृहस्पतिवार को परिवार को हाथरस जंक्शन ले जाकर कपड़ों के आधार पर योगेश की पहचान करा दी। देर रात तक हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ जारी थी।
रामबाग गली नंबर एक निवासी सुशीला देवी के पति की चार साल पहले मौत हो चुकी है। यहां वह दो बेटियों रानी व सोनी के अलावा 14 साल के बेटे योगेश संग रह रही थी। योगेश एक फर्नीचर की दुकान पर नौकरी करता था, जबकि खुद मां बेटियां सिलाई करती हैं। योगेश 22 अप्रैल को काम पर जाते समय अचानक गायब हो गया था।
शिकायत के बाद भी पुलिस ने दिखाया नकारापन
इसके बाद में घर के फोन नंबरों पर 50 लाख की फिरौती मांगी जाने लगी। इन नंबरों को पुलिस को दिय गया। पुलिस ने शुरुआत में प्रकरण गंभीरता से नहीं लिया। इधर, जब सोमवार को नवागत कप्तान से शिकायत हुई तो उनके निर्देश पर पुलिस हरकत में आई। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अपहरणकर्ताओं ने योगेश की हत्या कर दी। अब पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर उसकी हत्या के रहस्य से पर्दा उठा दिया।
परिजनों को बृहस्पतिवार दुपहर क्वार्सी पुलिस अपने साथ हाथरस जंक्शन ले गई। जहां योगेश के कपड़े जीआरपी ने दिखाए और बताया कि यहां लाश मिली थी। जिसे हत्या कर फेंका गया था। परिजनों ने कपड़े पहचान लिए। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। शाम को वहां से लौटने पर घर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
एसओ क्वार्सी के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी पूर्व में योगेश के घर में किराये पर रहे हैं और पांच माह पहले ही घर खाली किया था। अब वह मोहन नगर धनीपुर पर रहते हैं और ई रिक्शा चलाते हैं। इनसे पूछताछ जारी है। उनके दो साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। इधर, मामले में हिंदू जागरण मंच के अमित राज आदि ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मामा ने तोड़ा विश्वास, गफलत में आया लालच
इस हत्या में जिन दो लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें से एक से परिवार के इतने बेहतर रिश्ते हो गए थे कि योगेश व दोनों बहनें उसे मामा कहकर पुकारती थीं। पांच माह पहले घर खाली होने के बाद भी उनका यहां आना जाना था। इस इलाके में माहौल बेहतर न होने के कारण अब योगेश की मां किराये पर कहीं अन्य मकान तलाश रही थी।
इस बात का जिक्र यह कहते हुए योगेश ने मामा से किया कि हमें कोई फ्लैट दिलवा दो। मगर वह किराया शब्द नहीं जोड़ पाया। इस पर मामा ने समझा महिला पर रकम है और वह इकलौते बेटे को छुड़ाने के लिए रकम दे देगी।
इसी लालच में हत्या कर दी। जब योगेश का अपहरण कर लिया और रुपयों की बात आई तो योगेश ने ही मामा को बताया कि वह तो किराये पर मकान लेना चाह रहे थे। बस खुद के पकड़े जाने के भय से उसकी हत्या कर शव ट्रैक पर फेंक दिया। बताया गया है कि पकड़ा गया एक आरोपी मथुरा जनपद से किसी दुहरे हत्याकांड में भी जेल जा चुका है।