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पिता के श्राद्ध से लौटा छात्र स्कूल में फंदे पर झूला, मौत
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:21 PM IST
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खुदकुशी
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सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में 12 वीं में पढ़ने वाले छात्र ने फंदे पर लटककर जान दे दी। बृहस्पतिवार को वह अपने पिता के श्राद्ध में शामिल होने गया था। वहां से लौटने के बाद वह अपने स्कूल के पास ही कुमारी चंद्रकांता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कमरे में देर रात किसी वक्त फंदे पर झूल गया। सुबह उसकी लाश फंदे से लटकती देखी गई।
परिवार वालों और कालेज प्रबंधन का कहना है कि छात्र सिरदर्द की पीड़ा से परेशान रहता था। उसका इलाज भी लखनऊ चल रहा था। उसी से परेशान होकर उसने जान दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी आत्महत्या की पुष्टि की है।
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परिवार वालों और कालेज प्रबंधन का कहना है कि छात्र सिरदर्द की पीड़ा से परेशान रहता था। उसका इलाज भी लखनऊ चल रहा था। उसी से परेशान होकर उसने जान दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी आत्महत्या की पुष्टि की है।
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गांव लाखुन निवासी कपिल जायसवाल(17) खमरिया के चंद्रप्रभा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 12 वीं का छात्र था। स्कूल प्रबंधक प्रेमकांत ने अपने ही दूसरे विद्यालय कुमारी चंद्रकांता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ऐसे छात्रों का रहने का प्रबंध कर दिया था जो दूर दराज के थे।
इस विद्यालय में दिन में छात्राएं पढ़ती थीं और करीब 30 छात्र रात में यहां रुककर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यहीं वह अपने आचार्यों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी के मद्देनजर पढ़ाई भी करते हैं। इन्हीं छात्रों में कपिल भी शामिल था।
बृहस्पतिवार को कपिल अपने पिता के श्राद्ध में शामिल होने घर गया था। शाम को लौटा और रात में अपने कमरे को अंदर से बंद करके प्लॉस्टिक की रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। छात्रों के साथ रुके आचार्य अतुल ने बताया रात करीब 11 बजे तक पढ़ाने के बाद सभी छात्रों के साथ वह नीचे सोने के लिए उतर आए थे। सुबह कपिल को न देखकर उसे जगाने के लिए ढूंढने लगे। एक कमरे को अंदर से बंद देख खिड़कियों से झांककर देखा तो कपिल का शव छत के कुंडे से रस्सी के सहारे लटक रहा था।
आचार्य ने इसकी सूचना विद्यालय के प्रबंधक स्वामी प्रेमकांत एवं प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव को दी। प्रबंधक की सूचना पर एसओ ईसानगर प्रमोद कुमार मिश्रा चौकी प्रभारी खमरिया फूलचंद मौके पर पहुंचे। उधर, मृतक छात्र के बड़े भाई सुशील कुमार ने बताया कि भाई ने शायद सिर दर्द से उठने वाली असहनीय पीड़ा से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
इस विद्यालय में दिन में छात्राएं पढ़ती थीं और करीब 30 छात्र रात में यहां रुककर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यहीं वह अपने आचार्यों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी के मद्देनजर पढ़ाई भी करते हैं। इन्हीं छात्रों में कपिल भी शामिल था।
बृहस्पतिवार को कपिल अपने पिता के श्राद्ध में शामिल होने घर गया था। शाम को लौटा और रात में अपने कमरे को अंदर से बंद करके प्लॉस्टिक की रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। छात्रों के साथ रुके आचार्य अतुल ने बताया रात करीब 11 बजे तक पढ़ाने के बाद सभी छात्रों के साथ वह नीचे सोने के लिए उतर आए थे। सुबह कपिल को न देखकर उसे जगाने के लिए ढूंढने लगे। एक कमरे को अंदर से बंद देख खिड़कियों से झांककर देखा तो कपिल का शव छत के कुंडे से रस्सी के सहारे लटक रहा था।
आचार्य ने इसकी सूचना विद्यालय के प्रबंधक स्वामी प्रेमकांत एवं प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव को दी। प्रबंधक की सूचना पर एसओ ईसानगर प्रमोद कुमार मिश्रा चौकी प्रभारी खमरिया फूलचंद मौके पर पहुंचे। उधर, मृतक छात्र के बड़े भाई सुशील कुमार ने बताया कि भाई ने शायद सिर दर्द से उठने वाली असहनीय पीड़ा से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।