सोशल मीडिया से टूट रहे रिश्ते, कहीं कपल डीपी तो कहीं फेसबुक बनी वजह
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बदलते हुए दौर में तकनीक का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है। हाथों में स्मार्टफोन और फेसबुक पर मौजूदगी से लोगों के रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से पति पत्नी के बीच तनाव बढ़ रहा है। टीएचए के थानों में हर दो दिन में एक दंपत्ति की शिकायत पहुंच रही है। हालांकि अधिकतर समस्याओं का समाधान महिला हेल्प डेस्क पर ही कर दिया जाता है। वहीं जिन मामलों में दोनों पक्ष काउंसलिंग से संतुष्ट नहीं होते, उनमें रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कार्रवाई की जाती है।
कपल डीपी बनी विवाद की वजह
ऐसा ही एक मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक पत्नी ने रविवार को अपने पति के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया। लेकिन जब पुलिस ने दंपत्ति की काउंसलिंग की तो पता चला कि एक माह पहले पति ने पत्नी के साथ कुछ फोटोज क्लिक की थीं। पत्नी करीब एक महीने से अपने पति से कह रही थी कि वह उनकी कपल फोटो को व्हॉट्सऐप डीपी बनाए लेकिन पति ऐसा नहीं चहाता था। इसी बात से नाराज पत्नी ने रविवार को पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि पुलिस काउंसलिंग के बाद जब पति ने अपनी गलती मान ली तो पत्नी ने शिकायत वापस ले ली।
पति ने पत्नी के फेसबुक पर अपलोड कीं अश्लील तस्वीरें
सोशल मीडिया से जुड़ा एक अन्य मामला इंदिरापुरम से भी सामने आया। यहां सोसाइटी में रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसने अपने पति के फोन में कुछ संदिग्ध फोटो देखे थे, जिस कारण दोनों के बीच 6 माह से विवाद चल रहा था।
महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति उसके फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड जानता था। जब पति विदेश यात्रा पर था तो उसने उसके फेसबुक वॉल पर उसके रिश्तेदारों की अश्लील फोटो अपलोड कर दीं। जिसके बाद महिला ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद दंपत्ति की काउंसलिंग
साहिबाबाद थाने में हेल्प डेस्क पर काम करने वाली सिपाही सुमित्रा का कहना है कि ज्यादातर मामलों में वह शिकायत मिलते ही विवाद का कारण समझ जाती हैं। उन्होंने बताया कि एक पक्ष दूसरे पक्ष पर कई तरह के आरोप लगाता है। ऐसे में दंपत्ति को शिकायत मिलने के कुछ दिनों बाद काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है।
विवाद का कारण स्पष्ट हो जाने के बाद दोनों को अकेले में 5 मिनट बात करने को कहा जाता है। इसके बाद कुछ लोग काउंसलिंग से संतुष्ट हो जाते हैं। वहीं जिन मामलों में दोनों पक्ष काउंसलिंग से संतुष्ट नहीं होते तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाती है।
टीएचए में चार थानों के हेल्प डेस्क पर हर माह औसतन 300 से 350 शिकायतें आती हैं। शहर के सब इंस्पेक्टर आकाश तोमर का कहना है कि टीएचए के थानों में बनी हेल्प डेस्क पर हर माह दर्जनों शिकायतों का समाधान किया जाता है। इसके लिए डेस्क पर मौजूद कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाती है।