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नौकरी के नाम पर दो सौ युवकों को बनाया बंधक, SDM के भी होश उड़े
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Sat, 16 Sep 2017 09:59 PM IST
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बंधक बेरोजगारों को छुड़ाया
- फोटो : अमर उजाला
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बेरोजगार युवकों को क्या पता कि जहां उन्हें रोजगार के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, उन्हें वहां बंधक ही बना लिया जाएगा। करीब 200 बेरोजगार युवकों के साथ एक कंपनी ने धोखा किया और उन्हें बंधक बनाकर ऐसा घिनौना काम किया कि जानकर होश उड़ जाएंगे।
घटना उत्तर प्रदेश के औरैया की है। तिलक नगर में एक मकान में एक कंपनी ग्लेज इंटरप्राईजेज के प्रबंधन ने इस वारदात को अंजाम दिया। रोजगार की ट्रेनिंग देनें के नाम पर युवाओं को बंधक बना लिया। किसी तरह से एक युवक भागकर कोतवाली पहुंचा, कोतवाली में बैठे एसडीएम को पूरे मामले की जानकारी दी।
पढ़ें:- दिन ढलते ही सेल्समैन के घर डाला डाका, परिवार को बंधक बनाकर लूट ले गए लाखों
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मौके पर पहुंचे एसडीएम के भी होश उड़ गए। उन्होंने बंधक युवाओं को बाहर निकलवाया। कंपनी के कागजों की जांच पड़ताल की तो कुछ नही मिला। फिलहाल एसडीएम ने मामले को पुलिस को सौंप दिया है।
एसडीएम कोतवाली में बैठे थे। उसी वक्त एक युवक कोतवाली आया और बताया कि उसे ट्रेनिंग के नाम पर बुलाया गया और मोबाइल आदि सब रखकर बंधक बना लिया। जिस पर एसडीएम अमित राठौर और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जिस मकान में कंपनी चल रही थी वहां पर दो सौ युवक अंदर से निकलें। जिससे वहां हड़कंप मच गया।
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घटना उत्तर प्रदेश के औरैया की है। तिलक नगर में एक मकान में एक कंपनी ग्लेज इंटरप्राईजेज के प्रबंधन ने इस वारदात को अंजाम दिया। रोजगार की ट्रेनिंग देनें के नाम पर युवाओं को बंधक बना लिया। किसी तरह से एक युवक भागकर कोतवाली पहुंचा, कोतवाली में बैठे एसडीएम को पूरे मामले की जानकारी दी।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम के भी होश उड़ गए। उन्होंने बंधक युवाओं को बाहर निकलवाया। कंपनी के कागजों की जांच पड़ताल की तो कुछ नही मिला। फिलहाल एसडीएम ने मामले को पुलिस को सौंप दिया है।
एसडीएम कोतवाली में बैठे थे। उसी वक्त एक युवक कोतवाली आया और बताया कि उसे ट्रेनिंग के नाम पर बुलाया गया और मोबाइल आदि सब रखकर बंधक बना लिया। जिस पर एसडीएम अमित राठौर और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जिस मकान में कंपनी चल रही थी वहां पर दो सौ युवक अंदर से निकलें। जिससे वहां हड़कंप मच गया।
फाइल
- फोटो : सांकेतिक चित्र
एसडीएम ने सभी से बातचीत की तो सभी युवक राजस्थान, सूरत और अन्य जगहों के निकलें। युवकों ने बताया कि उन्हें रोजगार के लिए बुलाया गया और 18 हजार रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद तीन महीने की ट्रेनिंग देने की बात कही।
इस दौरान उनके मोबाइल आदि जमा करा लिए और कहीं नही निकलने दिया जा रहा। जब मकान की जांच की तो एक कमरे में घरेलू उत्पादों का ढेर लगा था। जिसका सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
पढ़ें:- परिवार को बंधक बनाकर खेत में ले गए बदमाश, फिर किया गंदा काम
वहीं गोरखपुर के गजपुर गांव निवासी मनीष सिंह पुत्र कन्हैया लाल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर भी दी। उधर एसडीएम अमित राठौर ने कंपनी के कागजों की जांच की तो कुछ सही नही मिला। जिस पर एसडीएम ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। देर शाम तक कोतवाली में मामले की जांच होती रही।
युवकों ने एसडीएम को बताया कि कंपनी में अंदर आने के बाद किसी से भी बात करने की इजाजत नही थी। यहां तक की घर वालों से भी बात नही करने देते थे। ज्यादा कहने पर घर वालों से इस शर्त पर बात करने देते थे कि वह कंपनी के बारे में कुछ नही बताएगा।
इस दौरान उनके मोबाइल आदि जमा करा लिए और कहीं नही निकलने दिया जा रहा। जब मकान की जांच की तो एक कमरे में घरेलू उत्पादों का ढेर लगा था। जिसका सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
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वहीं गोरखपुर के गजपुर गांव निवासी मनीष सिंह पुत्र कन्हैया लाल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर भी दी। उधर एसडीएम अमित राठौर ने कंपनी के कागजों की जांच की तो कुछ सही नही मिला। जिस पर एसडीएम ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। देर शाम तक कोतवाली में मामले की जांच होती रही।
युवकों ने एसडीएम को बताया कि कंपनी में अंदर आने के बाद किसी से भी बात करने की इजाजत नही थी। यहां तक की घर वालों से भी बात नही करने देते थे। ज्यादा कहने पर घर वालों से इस शर्त पर बात करने देते थे कि वह कंपनी के बारे में कुछ नही बताएगा।