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रेप पीड़िता बच्ची को अस्पताल में नहीं किया दाखिल, गोद में लेकर बैठी रही मां पूरी रात

Tue, 14 Feb 2017 11:07 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर Updated Tue, 14 Feb 2017 11:07 AM IST
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rape victim did not admit in hostpital in gorakhpur

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में तीन साल की नाबालिग बच्ची के साथ रेप की शर्मनाक घटना हुई। हैरान करने वाली बात है कि मासूम इलाज के लिए तड़पती रही, लेकिन उसे न तो इलाज दिया गया और न ही बेड मिला। इस हरकत के बाद एक बार फिर अस्पताल प्रशासन का गैर-जिम्मेदार रवैया फिर सामने आया है। 

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेप होने के 36 घंटे बाद भी बच्ची का इलाज शुरू नहीं हुआ। बच्ची की मजबूर मां उसे इलाज की आस में पूरी रात गोद में लेकर बैठी रही लेकिन किसी जिम्मेदार की नजर पीड़ित बच्ची पर नहीं पड़ी। हालांकि, मामला बढ़ जाने पर मेडिकल प्रशासन ने पीड़ित का खून से लथपथ कपड़ा आदि को सुरक्षित रख सील कर खानापूर्ति कर ली है।

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हैवान की नजर में थी बच्ची

rape victim did not admit in hostpital in gorakhpur

बताया जा रहा है कि गांव के रहने वाले हैवान ने ही बच्ची का रेप किया है। उसकी बच्ची पर काफी लंबे समय से नजर बनी हुई थी। वारदात के दिन मासूम अपने घर के सामने खेल रही थी। मौके के इंतजार में बैठे किशोर बच्ची के पास पहुंची और उसने बच्ची को बहलाना शुरू कर दिया। इसके बाद वो उसे एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसने रेप किया।

लेकिन बच्ची के चिल्लाने पर गांव की एक महिला के पहुंच जाने पर युवक बच्ची को खून से लथपथ अवस्था में छोड़कर भाग निकला। इसके बाद परिजन और गांव वाले बच्ची को अचेत अवस्था में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुरू से मामले को हल्के में लिया।

बेड खाली नहीं था अस्पताल में

rape victim did not admit in hostpital in gorakhpur

इमरजेंसी में बच्ची का प्राथमिक इलाज कर उसे गायनी विभाग के लेबर रूम में एडमिट करने के लिए शिफ्ट कर दिया था। विभाग में बेड खाली न होने की वजह से बच्ची को बेड नहीं दिया जा सका। बच्ची की मां उसे पूरी रात अपनी गोद में लेकर बैठी रही। दूसरे दिन भी जिम्मेदारों ने बच्ची को बेड मुहैया कराना जरूरी नहीं समझा। वहीं बच्ची के पास न तो कोई महिला पुलिस है न ही विभाग की तरफ से देखभाल के लिए स्टाफ नर्स को नियुक्त किया गया है।

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