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कावेरी जल विवाद: आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के आरोप में तीन गिरफ्तार
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 05 Oct 2016 11:23 AM IST
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Cauvery issue
- फोटो : bengalore mirror
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कावेरी जल विवाद की नफरत लोगों में इस कदर फैली की उन्होंने इसका विरोध करने की हर कोशिश की है। हद तो तब पार हो गई जब इस विवाद के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग सामने आया।
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विवाद के बाद आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया।
इस आरोप में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने तमिलनाडु के लोगों के खिलाफ वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर उसे वायरल कर दिया।
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लोगों ने वीडियो को किया खूब शेयर
बेंगलुरु मिरर की खबर के अनुसार वीडियो को सबसे पहले सोशल नेटवर्किंग साइट यूट्यूब पर अपलोड किया गया, जिसके बाद वह अन्य साइट्स व व्हॉट्सप पर शेयर किया गया। पुलिस के मुताबिक इस वीडियो को फेसबुक पर करीब 21 हजार लोगों ने लाइक किया, जबिक 2 हजार ने शेयर किया।
जेजे नगर पुलिस ने आर मुकेश लखमानी (26), सी राकेश गोडवा (25) और एस अशवथ (26) नाम के इन तीन लड़कों को गिरफ्तार किया है। मुकेश और राकेश दोनों ही मकेनिकल इंजीनियर हैं और वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।
अशवथ एक एमबीए ग्रेजुएट है, जोकि कंपनी में मार्केटिंग एक्सज्यूकेटिव है। इन तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।बताते चलें कि इस वीडियो को 14 सितंबर को अपलोड किया गया था।
जेजे नगर पुलिस ने आर मुकेश लखमानी (26), सी राकेश गोडवा (25) और एस अशवथ (26) नाम के इन तीन लड़कों को गिरफ्तार किया है। मुकेश और राकेश दोनों ही मकेनिकल इंजीनियर हैं और वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।
अशवथ एक एमबीए ग्रेजुएट है, जोकि कंपनी में मार्केटिंग एक्सज्यूकेटिव है। इन तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।बताते चलें कि इस वीडियो को 14 सितंबर को अपलोड किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हुआ विरोध
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कर्नाटक ने तमिलनाडु को कावेरी का और पानी देने से इनकार कर दिया था। इससे सरकार का न्यायपालिका से टकराव के हालात बनते गए। राज्य सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर एक प्रस्ताव पास किया कि इसका पानी केवल पीने के लिए है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसी स्थिति है कि कोर्ट के आदेश का पालन करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति उनकी सरकार का बहुत सम्मान है और कोर्ट के आदेश की अवहेलना की उनकी कोई मंशा नहीं है। लेकिन राज्य में पानी की भारी किल्लत है और वह खुद पीने योग्य पानी के लिए जूझ रहा है। इसके बाद ही हालात बिगड़ गए और भारी पुलिस बल को मौके पर लगाया गया।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसी स्थिति है कि कोर्ट के आदेश का पालन करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति उनकी सरकार का बहुत सम्मान है और कोर्ट के आदेश की अवहेलना की उनकी कोई मंशा नहीं है। लेकिन राज्य में पानी की भारी किल्लत है और वह खुद पीने योग्य पानी के लिए जूझ रहा है। इसके बाद ही हालात बिगड़ गए और भारी पुलिस बल को मौके पर लगाया गया।