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इतिहास में पहली बार मुंबई बम ब्लास्ट केस में जो हुआ, पहले नहीं हुआ?

Thu, 07 Sep 2017 08:36 PM IST
amarujala.com, Presented by: अरविंद
amarujala.com, Presented by: अरविंद Updated Thu, 07 Sep 2017 08:36 PM IST
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mumbai bomb blast has historical issues itself
Mumbai bomb blast

मुंबई धमाकों के आरोपियों के खिलाफ टा़डा अदालत में दो हिस्सों में चला यह केस इस मामले में ऐतिहासिक है कि पहले हिस्से के सबूतों को दूसरे हिस्से में जोड़ दिया गया।  इससे धमाकों के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम, मुख्य साजिशकर्ता टाइगर मेमन और मोहम्मद दोसा को सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी।

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पढ़ें: मुंबई ब्लास्ट के बाद आजमगढ़ भाग आया था अबू सलेम, तैयार किए कई 'शूटर

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घटनाक्रम
4 नवंबर, 1993: 189 आरोपियों के खिलाफ 10 हजार पेज का आरोपपत्र दाखिल
19 नवंबर, 1993: सीबीआई के हवाले की गई जांच
1 अप्रैल, 1994: सेंट्रल जेल में बनाया गया टाडा कोर्ट
19 अप्रैल, 1995: टाडा अदालत में सुनवाई शुरू 

मुंबई धमाके के केस को दो भाग में बांटा

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Yakub Menon

कोर्ट ने मुंबई धमाके के केस को 2006 में पार्ट ए और पार्ट बी, दो भागों में बांट दिया। पार्ट ए में 100 आरोपी दोषी करार दिए गए। टाटा कोर्ट ने 12 सितंबर, 2006 को 123 में से फिल्म स्टार संजय दत्त सहित 100 आरोपियों को दोषी करार दिया। इन्हें अप्रैल, 2007 में सजा सुनाई गई। 

मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल याकूब मेमन सहित 12 को फांसी की सजा सुनाई गई। याकूब मुंबई धमाकों में मोस्ट वांटेड टाइगर मेमन का भाई था। याकूब को 30 जुलाई, 2015 में महाराष्ट्र के यरवडा जेल में फांसी पर लटका दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने बाकियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है।

> 20 को आजीवन कारावास, तीन को 14-14 साल जेल
> एक को 13 साल की सजा, 11 को 10-10 साल की कैद
> चार को नौ-नौ साल और चार को आठ-आठ साल की सजा
> 15 को पांच-पांच और पांच तो तीन-तीन साल की कैद
> एक को दो साल की सजा और एक को प्रोबेशन पर रखा था

पार्ट बी में अबू सलेम के खिलाफ चला मुकद्दमा

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abu salem

जबकि पार्ट बी में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट, रियाज सिद्दीकी, करीमुल्ला खान और अब्दुल कय्यूम के खिलाफ केस चला। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि इन्हें 2002 के बाद विदेश से प्रत्यर्पित कर लाया गया था, जबकि केस की सुनवाई 1995 से चल रही थी। इन सातों को 2002 से 2010 के बीच गिरफ्तार किया गया था।

>  इनकी सुनवाई 2011 में शुरू हुई और मार्च, 2017 में पूरी हुई।
> 16 जून, 2017 को इन सातों को दोषी ठहराया गया था।
> 28 जून, 2017 को दौसा की मुंबई की आर्थर रोड जेल में मौत हो गई

पढ़ें: पुलिस अगर इस शख्स की बात मान लेती तो न होते मुंबई बम बलास्ट

 

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