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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस: IAS की बेटी बोली- मैं चेहरा क्यों छिपाऊं, वो छिपें जिन्होंने हरकत की
amarujala.com- Presented by: विजय जैन
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:04 AM IST
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पीड़िता के हौसले कितने बुलंद हैं, उसके उस बयान से अंदाजा लगा सकते हैं, जो उसने मीडिया वालों के चेहरा ढंक कर बाइट देने पर कहा। पीड़िता का कहना है कि वह अपना मुंह क्यों छिपाए। चेहरा तो उन्हें छिपाना चाहिए, जिन्होंने ये हरकत की है। उसके बाद उसने बिना चेहरा ढंके मीडिया को बयान दिया।
यह पीड़िता हरियाणा के सीनियर आईएएस की बेटी है। जिसने शनिवार को हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला केबेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष के खिलाफ शराब पीकर पीछा करने और छेड़खानी का मामला दर्ज कराया था।
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यह पीड़िता हरियाणा के सीनियर आईएएस की बेटी है। जिसने शनिवार को हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला केबेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष के खिलाफ शराब पीकर पीछा करने और छेड़खानी का मामला दर्ज कराया था।
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हरियाणा पुलिस छेड़खानी के आरोपियों को कोर्ट में पेश करती है
हरियाणा पुलिस
- फोटो : file photo
हरियाणा पुलिस किसी भी आपराधिक मामले में थाने में जमानत नहीं लेती। छेड़खानी सहित अन्य मामलों के आरोपियों को सीधे कोर्ट में पेश करती है। यदि जमानती धारा का केस हो तो भी आरोपी कोर्ट में ही जमानत याचिका दायर करते हैं।
पिछले दिनों हरियाणा के एक डीएसपी के खिलाफ भी छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ था, जिन्हें पुलिस से जमानत नहीं मिली। बल्कि कोर्ट में ही जमानत अर्जी लगानी पड़ी थी। इसके अलावा सड़क हादसे के केस में भी हरियाणा पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करती है और वहां से मजिस्ट्रेट ही जमानत लेते हैं।
पिछले दिनों हरियाणा के एक डीएसपी के खिलाफ भी छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ था, जिन्हें पुलिस से जमानत नहीं मिली। बल्कि कोर्ट में ही जमानत अर्जी लगानी पड़ी थी। इसके अलावा सड़क हादसे के केस में भी हरियाणा पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करती है और वहां से मजिस्ट्रेट ही जमानत लेते हैं।