दो बच्चियों का भाव लगाया बीस हजार, चार महीने की मासूम की भी बोली
- गरीबी के चलते पिता ने खोजे बच्चियों के खरीददार
- 20 हजार में बेचने चला दोनों बच्चियों को
- एक बच्ची 6 साल की और दूसरी महज 4 महीने की
- सरेबाजार लगा रहा था बोली, पुलिस आई और पकड़ ले गई
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क्या कोई पिता इतना भी मजबूर हो सकता है कि अपनी दूध पीती बच्ची को सरेबाजार बेचने के लिए तैयार हो जाए? हैदराबाद में एक पिता ने गरीबी के आगे घुटने टेक दिए और इससे उबरने का आखिरी उपाय निकाला। उपाय था 6 साल और 4 महीने की बच्ची को बेचने का। घर में जब बच्चियों की मां काम पर गई तो पिता ने अपनी दोनों बच्चियों को लिया और बाजार में नीलाम करने पहुंच गया। दो मासूम बच्चियों का भाव लगा 20 हजार।
पिता हर आने-जाने वाले से 20 हजार में बेटियों का सौदा तय करने की कोशिश कर रहा था। बेटियों के लिए खरीददार ढूढ़ंने में वह उतना बेसुध हो गया कि जब पुलिस आई तो उससे भी बेटियों के लेन-देन की जिरह करने लगा।
दिल कंपा देने वाला मामला हैदराबाद के महबूब नगर का है। डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक बिजनापल्ली मंडल के अंतर्गत आने वाले लट्टूपल्ली गांव में रहना वाला मल्लेश और उसकी पत्नी नरसम्मा बेहद गरीब हैं। दोनों की शादी करीब सात साल पहले हुई थी। इनके दो बच्चे हैं, दोनों बेटियां हैं, एक 6 साल की और दूसरी महज 4 महीने की। बड़ी बेटी का नाम गीतंजलि और दूसरी का नाम भूलक्ष्मी है।
आर्थिक तंगी पर पत्नी से हुआ झगड़ा, बच्चियों को बेचने पहुंच गया पिता
पति-पत्नी के बीच कुछ दिन पहले आर्थिक तंगी को लेकर झगड़ा हुआ था। ये छोटा-मोटा झगड़ा नहीं बल्कि बात ज्यादा बड़ी थी। पति-पत्नि में आपसी संवाद भी बंद हो गया।
मल्लेश अपनी पत्नि नरसम्मा से बहुत क्रोधित था इसलिए हालातों से उबरने के लिए उसने बेटियों को बेचकर रकम जुटाना निश्चित किया।
सोमवार को जब बच्चियों की मां यानी नरसम्मा काम पर गई तो मल्लेश बच्चियों को लेकर महबूब नगर पहुंचा और रेलवे स्टेशन रोड स्थित जिला शिक्षा कार्यालय के पास बैठकर बच्चियों को 20 हजार रुपए में बेचने की बोली लगाने लगा। वहां से गुजरने वालों में से किसी ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मल्लेश ने पुलिस के आगे गुहार लगाई कि वो उसकी बच्चियों को मात्र 20 हजार रुपए में खरीदकर उस पर मेहरबानी करे।
बच्चियों को शिशुविहार भेजा गया और मल्लेश को पुलिस पकड़ ले गई।