मनचले की सजा पिता को, सिर पर जूता और 20 हजार जुर्माना
- पिता को उठानी पड़ी बेटी के करतूत की भारी कीमत
- मनचले के पिता ने सिर पर जूता रखकर मांगी माफी
- पंचायत ने 20 हजार रुपए देने का भी फरमान सुनाया
- पुलिस को नहीं पंचायती बैठक और फरमान की खबर
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विस्तार
बेटे के कुकर्मों की सजा बाप को मिली। बेटे ने गांव की किशोरी से छेड़छाड़ की तो पिता को सरेआम बेइज्जत होना पड़ा। आरोपी बेटा जेल में है लेकिन गांव में माता-पिता का बुरा हाल है।
समझौते के लिए पंचायत बैठी। फरमान जारी हुआ। पिता ने पैरों से जूते निकाले और सिर पर रख लिए।
पंचायती न्याय अभी बाकी था। एक और फरमान आया। आरोपी के पिता से 20 हजार रुपए बतौर जुर्माना किशोरी के घरवालों को देने के लिए कहा गया। आरोपी की मां को पंचायती न्याय का शायद पहले से ही अंदाजा था इसलिए 5 हजार रुपए साथ ही लाई थी। वो 5 हजार रुपए पीड़ित परिवार को एडवांस में थमा दिए और बाकी रकम के लिए दो दिन का वक्त मांग लिया।
वारदात की पूरी कहानी अपने आप में बयां कर रही है कि आजादी के 68 साल बाद भी देश की कानून-व्यवस्था पर लोगों का एतबार नहीं है। इसके लिए दोष लोगों का नहीं है। दरअसल, कानून के सिपहसालार और रखवाले शायद वो इकबाल कायम नहीं कर पाए है कि जिसकी दरकार थी और है। और शायद इसीलिए पंचायतों की मनमानी आए दिन सामने आती है।
चौकाने वाली ये वारदात यूपी के बागपत की है। एक किशारी के साथ हुई छेड़छाड़ के लिए आरोपी के पिता को भारी कीमत चुकानी पड़ी।
पुलिस को नहीं है पंचायती फरमान की खबर
गांववालों के मुताबिक बीते सात मार्च की शाम किशोरी करीब साढ़े सात बजे खेत में जा रही थी। रास्ते में गांव के ही युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ कर अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
आरोपी का सन्नी है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले में में समझौते के लिए रविवार को पंचायत बैठी। आरोपी युवक के पिता ने अपने बेटे की करतूत पर पंचायत में अपने सिर पर जूता रखकर माफी मांगी। करीब दो घंटे चली पंचायत में पंचों ने निर्णय लिया कि केस में समझौते के लिए आरोपी परिवार पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपए बतौर हर्जाना दे।
आरोपी की मां ने पंचायत में ही पांच हजार रुपए दे दिए। बाकी 15 हजार रुपए देने के लिए दो दिन का समय मांगा। पंचायत ने आरोपी परिवार को समय देकर केस में समझौता करा दिया।
इस बारे में कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि पंचायत ने केस में समझौता कराया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पुलिस अपना कार्य कर रही है।