क्राइम ब्रांच ने दिखाया अश्लील वीडियो, बात नहीं मानी तो ऐसा ही हश्र होगा पत्नी-बेटी का
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से क्राइच ब्रांच और दबंगों का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। युवती की आत्महत्या के मामले में उसके पिता ने जो खुलासा किया उसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाए। मीडिया की खबरों के मुताबिक लखनऊ में बंधक बनाए जाने के दौरान मुख्य आरोपी युधिष्ठिर की मौजूदगी में तथाकथित क्राइम ब्रांच टीम ने अश्लील वीडियो दिखाकर पिता देव प्रकाश को उसी तरह पत्नी और बेटी की इज्जत तार-तार करने की धमकी दी थी।
खौफजदा पिता गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। दबंगों ने ब्लू रिवोलेशन कंपनी के सुपरवाइजर देव प्रकाश के बेटे रामस्वरुप विश्वकर्मा से मछली बिक्री के भुगतान के लूटे गए साढे़ चार लाख रूपयों की वसूली के लिए सारी हदें पार कर दी थी।
इस मामले में दबंगों और आरोपियों का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। सियासी संरक्षण में आरोपियों ने लखनऊ क्राइम ब्रांच की मदद से बंधक बनाए गए देव प्रकाश, बेटा अक्षय और दोस्त अरुण गुर्जर की पिटाई कराई, यातनाएं दी और मानसिक उत्पीड़न करने के लिए बेहयाई की हदे लांघ दी।
पत्नी और बेटी के लिए बोली शर्मनाक बातें
प्रताड़ित करने के दौरान युधिष्टिर और दबंगों ने पत्नी और बेटी के बारे में शर्मनाक बातें बोली। देव प्रकाश ने कहा कि पैसे तो नहीं थे, और मन ने ठान लिया कि इससे बेहतर है कि मैं तो मर जाऊं। आरोपी युधिष्ठिर की गाड़ी में रखे थैले में चाकू रखा था। मुझे जैसे ही मौका मिला, मैने अपने गले में चाकू मार लिया।
क्राइम ब्रांच की टीम ने लखनऊ के सिविल हास्पिटल में भेज दिया। डॉक्टरों ने कहा कि इनके गले में गहरा घाव है, जिस पर युधिष्ठिर पहलवान बोला कि बस टांके लगा दो।
क्राइम ब्रांच की यातनाओं का दर्द बयान करते हुए उसने बताया कि 12 फरवरी को एसएसपी लखनऊ आवास कैंप से हमें पहले गाड़ी में पीटा गया, फिर एक थाने की ऊपरी मंजिल में अलग-अलग कमरों में बेरहमी से पीटा गया। बेटे अक्षय को डंडों से ज्यादा मारा गया। लाचारी और बेबसी में छोड़ देने की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी को दया नहीं आई।
दबंगों पर छाई थी टशन की खुमारी
दबंगों पर टशन की खुमारी इस कदर छाई थी कि बेटी महिमा विश्वकर्मा के दाह संस्कार के दौरान ही आरोपी देव प्रकाश को जबरदस्ती साथ ले गए। उसका कहना है कि मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के पास उसे रखा गया था। बेटी के मौत के बाद उसकी अस्थियों के फूल चुनने के लिए वह युधिष्ठिर के पैरों पर गिरकर गिड़गिडाय़ा, लेकिन उसे छोड़ा नहीं गया।
कई बार आरोपी अपने साथ लखनऊ और इलाहाबाद लेकर गए। पुलिस और कोर्ट में क्या बयान देने है, इसके लिए भी उसे पहले रिहर्सल कराई गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी युधिष्ठिर जिला कारागार में बंद है। अन्य आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। सोमवार को पुलिस मृतका की मां संजू देवी के कोर्ट में 164 के बयान करा सकती है।