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रेपिस्ट के ठप्पे की वजह से मैं आगे नहीं बढ़ पाया और अपराध की दुनिया में धंसता चला गया: आकाश जाधव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:03 AM IST
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आकाश जाधव
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मुंबई पुलिस ने शक्ति मिल्स गैंगरेप के आरोपी आकाश जाधव को शहर में होने वाले कई अपराधों में संलिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया है। 22 साल के आरोपी का दावा है कि रेपिस्ट का टैग होने की वजह से वह अपराध के दलदल में फंसता चला गया। जाधव ने कहा, 'मैं शांतिपूर्ण जिंदगी जीना चाहता था लेकिन कुछ लोगों ने मेरे आपराधिक अतीत का फायदा उठाते हुए गैर-कानूनी कामों में मेरे नाम का इस्तेमाल किया। शक्ति मिल्स गैंगरेप का लेबल मेरे सिर पर होने के कारण इसने मुझे अपराध के गहरे दलदल में धकेल दिया।'
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साल 2013 में शक्ति मिल्स गैंगरेप के समय जाधव नाबालिग था। जाधव उस समय 17 साल का था। उसके अलावा चार और लोगों ने 31 जुलाई 2013 को मिलकर 18 साल की कॉल सेंटर कर्मचारी का मिल के अंदर गैंगरेप किया था। जुलाई 2014 में बाल सुधार गृह ने आकाश और दूसरे नाबालिग को तीन सालों के लिए नासिक भेज दिया था। जुलाई 2017 में जाधव और दूसरे आरोपी को रिहा कर दिया गया था। उसका परिवार भी महालक्ष्मी धोबी घाट से डोम्बीवली शिफ्ट हो गया था।
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जुलाई 2017 से मार्च 2018 के बीच जाधव का नाम कई आपराधिक मामलों में आया। अभी तक उसके खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पांच में से तीन मामलों में आकाश के ग्रुप के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। उसने बोला, 'यह लोग अपने दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल किया क्योंकि मैं उससे संबंध रखता था। मेरे सिर पर गैंगरेप का केस था इसी वजह से उनका काम आसान हो गया और वह पुलिस को यह बात साबित करने में सफल रहे।'
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जाधव ने कहा, 'तब से अब तक उन्होंने मेरे नाम पर झूठे केस दर्ज किए हैं। चूंकि मेरा नाम एक गंभीर अपराध में शामिल था। इसकी वजह से पुलिस के मन में यह धारणा थी कि मैंने कुछ अपराध किए होंगे। मैंने जिंदगी नए सिरे से शुरू करने की उम्मीद की थी लेकिन दुश्मन ग्रुप वाले हमेशा मेरा मजाक उड़ाते, मुझे चिढ़ाते और मुझे उकसाने का काम करते थे। उन्होंने मेरे खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराईं। इसने मुझे गुस्सा दिला दिया और मैंने एक शख्स पर गुस्से में हमला कर दिया। जिसकी वजह से मेरे खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हो गया। इसके बाद मैंने निर्णय लिया कि इन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।'