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DU के बाद पुणे यूनिवर्सिटी में मारपीट, ABVP छात्रों पर SFI छात्रों को पीटने का आरोप

Sat, 25 Feb 2017 12:34 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 25 Feb 2017 12:34 PM IST
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ABVP and SFI students fights in pune university

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के छात्रों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। ये मारपीट पुणे के विश्वविद्यालय में दोनों गुटों के बीच शुक्रवार की रात हुई। इस आरोप में एबीवीपी और एसएफआई के कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 

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मीडिया की खबरों के मुताबितक पुलिस ने मेडिकल जांच में पाया कि एसएफआई के छात्रों को पीटा गया है। जबकि अपनी सफाई में एबीवीपी के छात्रों ने आरोप लगाया कि विरोधी गुट के छात्रों ने उन्हें भद्दी गालियां दी थीं। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों में विरोध यूनिवर्सिटी में पोस्टर्स लगने की वजह से हुई है।

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25 से 30 एबीवीपी छात्र पहुंचे और करने लगे मारपीट

ABVP and SFI students fights in pune university

एसएफआई छात्रों का आरोप है कि महाराष्ट्र बीजेपी के सहयोगी एमएलसी प्रशांत परिचारक ने जवानों की पत्नियों के लेकर अभद्र कमेंट्स दिए थे। इसी के विरोध की तैयारी में एसएफआई के छात्र यूनिवर्सिटी में पोस्टर लगा रहे थे। इस बीच 25 से 30 एबीवीपी के छात्र वहां पहुंचे और उनसे कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।

एबीवीपी के छात्रों ने सफाई में कहा कि जो पोस्टर लगाए जा रहे थे, उनमें एबीवीपी मुर्दाबाद लिखा हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली है। इस आरोप में जहां एसएफआई के 5 छात्रों को हिरासत में लिया गया है, वहीं एबीवीपी के 4 छात्रों को धर दबोचा गया है।

रामजस कॉलेज में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठन में झड़प

ABVP and SFI students fights in pune university

बता दें कि दिल्ली के रामजस कॉलेज में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठन में झड़प की वजह से माहौल गरमाया हुआ है। इसी के विरोध में गुरुवार को डीयू से लेकर पुलिस मुख्यालय तक जोरदार प्रदर्शन हुआ। 

उमर खालिद कैंपस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा और कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। लेकिन बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर वामपंथी छात्र संगठनों के प्रदर्शन में उमर खालिद पहुंचा।

इस दौरान खालिद ने कहा कि यदि मैं रामजस में बोलता तो कुछ ही लोग सुन पाते। अब पूरा देश मुझे सुन रहा है। कहा जाता है कि मैं राष्ट्र विरोधी हूं और मेरा आंतकी संगठनों के साथ संबंध हैं, जबकि दिल्ली पुलिस अभी तक मेरे खिलाफ आरोप पत्र भी दायर नहीं कर पाई है।

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