उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री मोदी 27 बार पहुंचे वाराणसी, भाजपा ने सोनिया-राहुल के रायबरेली-अमेठी न पहुंचने पर उठाए सवाल
साल 2014 में वाराणसी से पहली बार लोकसभा पहुंचने के बाद से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कम से कम 27 बार वाराणसी पहुंच चुके हैं। कोरोना काल के कारण वे पिछले डेढ़ साल से वाराणसी नहीं पहुंच पाए थे...
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने कई योजनाओं का लोकार्पण/उद्घाटन कर इसे पूर्वांचल के विकास में बड़ा कदम बताया। लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को एक ‘चुनावी स्टंट’ बताया। पार्टी ने कहा कि चुनाव को सामने देख भाजपा कोरोना काल के दौरान हुई अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें बताना चाहिए कि सोनिया गांधी लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अब तक कितनी बार रायबरेली पहुंची हैं और कितनी बार उन्होंने अपनी रायबरेली की जनता का हालचाल जानने की कोशिश की है।
साल 2014 में वाराणसी से पहली बार लोकसभा पहुंचने के बाद से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कम से कम 27 बार वाराणसी पहुंच चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार अलग-अलग योजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया है तो कुछ बार विदेशी नेताओं के साथ यात्रा की है। कोरोना काल के कारण वे पिछले डेढ़ साल से वाराणसी नहीं पहुंच पाए थे। 15 जुलाई की वाराणसी की यात्रा उनकी 27वीं यात्रा थी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि सोनिया गांधी 2019 के आम चुनाव में जीतने के बाद अब तक एक बार भी रायबरेली नहीं पहुंची हैं। उन्होंने इस कोरोना काल के दौरान एक बार भी उस जनता तक पहुंचकर उनका हालचाल जानने तक की कोशिश नहीं की, जिसने इतने वर्षों तक उन्हें अपना जनप्रतिनिधि बनाए रखा है।
भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी इस बार अमेठी का लोकसभा चुनाव हार गए थे। लेकिन अपनी हार के बाद भी उन्होंने अमेठी की जनता से कहा था कि उनका अमेठी से संपर्क बना रहेगा और वे यहां की जनता के लिए काम करते रहेंगे क्योंकि अमेठी से उनके परिवार का गहरा नाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन अब तक गांधी परिवार का एक भी व्यक्ति अमेठी या रायबरेली नहीं पहुंच सका है। यह दिखाता है कि उनकी जनता के लिए प्रतिबद्धता क्या है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है क्योंकि एक तरफ जहां गांधी परिवार जनता तक पहुंच बनाए रखने में असफल रहता है, वहीं प्रधानमंत्री दिन-रात किसी न किसी माध्यम से देश की जनता से जुड़े रहते हैं।
प्रियंका की यात्रा को बताया चुनावी स्टंट
भाजपा नेता ने कहा कि कोरोना काल में अमेठी-रायबरेली न पहुंचने वाला गांधी परिवार विधानसभा चुनाव देखते ही लखनऊ की यात्रा पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अगर असलियत में किसी को चुनावी स्टंट कहा जा सकता है तो वह प्रियंका गांधी की यात्रा को ही कहा जा सकता है क्योंकि इसका उद्देश्य पूरी तरह राजनीतिक है।