विज्ञापन

'एक पुल ने बदल दिए जिंदगी के मायने'

राजेश दामोदर काची Updated Wed, 12 Sep 2018 06:36 AM IST
राजेश दामोदर काची
राजेश दामोदर काची
ख़बर सुनें
डेंगले पुल के पास जब मैंने पहली बार नदी में किसी डूबते को बचाया था, तब मेरी उम्र उन्नीस साल थी। वह बच्ची गलती से पुल से नीचे नदी में गिर गई थी। बच्ची को बचाने के बाद उसका परिवार मुझे धन्यवाद कहने मेरे घर आया। उन लोगों की आंखों में झलकती खुशी और उनका आशीर्वाद मेरे लिए अभूतपूर्व इनाम था। उसी पल मैंने तय कर लिया था कि मैं जिंदगी भर ऐसे इनामों के लिए ही जिऊंगा!
विज्ञापन
मैं पुणे के शिवाजीनगर में रहता हूं। मैं उसी डेंगले पुल के पास स्ट्रीट फूड की दुकान चलाता हूं। मुझे दुकान चलाते हुए दो दशक से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान सैकड़ों मौके आए, जब मैंने लोगों को नदी में डूबने से बचाया है। ये लोग कई बार तो दुर्घटनावश नदी में गिरते हैं, तो कई मामले आत्महत्या की कोशिश से जुड़े होते हैं। लोगों को बचाते-बचाते मैं आसपास के इलाकों में 'रक्षक राजू' के नाम से प्रसिद्ध हो गया हूं। डेंगले पुल ही नहीं, आस-पड़ोस में कहीं भी यदि कोई डूब रहा होता है, तो लोग सबसे पहले मुझे ही इत्तिला करते हैं। यहां तक कि कई दफे पुलिस ने भी मुझसे मदद ली है। मेरा काम डूब रहे लोगों को पानी से निकालने तक ही सीमित नहीं है।

मैं इन लोगों को पास के अस्पताल तक ले जाता हूं। इनके परिवार वालों को स्थिति के बारे में तत्काल सूचित करता हूं। कई बार ऐसा होता है, जब व्यक्ति के संबंधी उस तक पहुंचने में एक-दो दिन का वक्त लगा देते हैं। इस स्थिति में मुझे ही मरीज की देखरेख करनी होती है, जब तक कि वह पूरी तरह ठीक न हो जाए। हालांकि यह नौबत कभी-कभार ही आती है।
 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

तैरना और अभ्यास मेरी दिनचर्या में शामिल हैं

विज्ञापन

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Dehradun

खेलने की उम्र में 8वीं का छात्र बना 'वैज्ञानिक', इस प्रोजेक्ट के लिए राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

उत्तराखंड के चंपावत राजकीय इंटर कॉलेज के आठवीं कक्षा के बाल वैज्ञानिक नीरज कुमार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधीनगर में हुए फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन एंड इंटरप्रेनरशिप में सम्मानित किया।

17 मार्च 2019

विज्ञापन

देशभर में होली की धूम सहित 5 बड़ी खबरें

अमर उजाला डॉट कॉम पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी खबरें। देखिए LIVE BULLETINS - शाम 5 बजे।

21 मार्च 2019

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree