यहां रोज मिलता है 500 लोगों को भरपेट खाना सिर्फ 5 रुपये में
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आज जहां हर तरफ महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है तो वहीं एक जगह ऐसी भी जहां सबसे सस्ता और लाजवाब खाना मिलता है, वो भी महज 5 रुपये में। उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले समाजसेवी अनूप खन्ना कमरतोड़ महंगाई के दौर में गरीबों के लिए मसीहा बने हैं।
नोएडा के इस समाजसेवी ने मंहगाई के समय बीड़ा उठाया है गरीबों को भरपेट खाना खिलाने का, वो भी महज पांच रुपये में। 'दादी की रसोई' नाम से पांच रुपये में भरपेट खाना उपलब्ध कराने वाले अनूप खन्ना इन दिनों चर्चा में हैं। 'दादी की रसोई' एक करोड़ से अधिक लोगों की पसंद बन गई है। यू-ट्यूब पर 'दादी की रसोई' द्वारा किए जा रहे सामाजिक सरोकारों का वीडियो एक करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं और उसे पसंद भी कर चुके हैं।
'दादी की रसोई' नोएडा के सेक्टर 29 स्थित गंगा शॉपिंग काम्पलेक्स में चलाया जा रहा है। रोजाना लगभग 500 से भी ज्यादा लोग ‘दादी की रसोई’ में भोजन करते हैं। इसका संचालन करने वाले समाजसेवी अनूप खन्ना जरूरतमंदों को भोजन के साथ-साथ दस रुपये में कपड़े व प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलकर मरीजों को सस्ती दवा भी उपलब्ध करा रहे हैं। अनूप खन्ना ने दादी की रसोई की शुरूआत साल 2015 में की थी।
रोजाना बदलता है मेन्यु
'दादी की रसोई' का मेन्यु रोजाना बदलता है। यहां ताजी व हरी सब्जियों का ही इस्तेमाल होता है। चावल भी बासमती का होता है। साथ ही साफ-सफाई के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
अनूप खन्ना ने बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत अपनी दादी की आखरी इच्छा से की है। उनके मुताबिक, उनकी दादी सरोजनी खन्ना ने उनसे कहा कि अब वह सिर्फ खिचड़ी खाती हैं जिस वजह से उनके ऊपर होने वाला खर्च काफी कम है, इसलिए बचे पैसे से गरीबों को खाना खिलाओ।
अनूप कहते हैं कि दादी की यह बात मुझे पसंद आई और थोड़ा सोच विचार करने के बाद मैंने दादी की रसोई की शुरुआत की।