शरद पवार का राजनाथ सिंह पर पलटवार, बोले- हमारी सरकार में भी हैं प्राणी लेकिन विदूषक की कमी
महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार ने मंगलवार को राजनाथ सिंह पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि सर्कस में प्राणी होते हैं। हमारी सरकार में भी प्राणी हैं। लेकिन विदूषक की कमी है।
शरद पवार ने कोंकण का दौरा आरंभ किया है। सबसे पहले मंगलवार को पवार रायगढ़ जिले के दौरे पर गए। जहां बीते 4 जून को आए तूफानी चक्रवात निसर्ग से भारी नुकसान हुआ है।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में एक तरह से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का उपहास उड़ाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में प्राणी हैं लेकिन सर्कस में भी विदूषक होते हैं। जिनकी कमी है।
इससे पहले एनसीपी प्रवक्ता व राज्य में अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक ढंग से चलने वाली सरकार अच्छा काम कर रही है।
कोविड-19 को लेकर आईसीएमआर ने मुंबई मॉडल की प्रसंशा की है। मलिक ने राजनाथ सिंह पर व्यंग्य कसा कि रिंगमास्टर के हंटर से चलने वाली सरकार के मंत्री लोकतांत्रिक ढंग से चलने वाली सरकार को सर्कस कह रहे हैं। यह राजनाथ सिंह के अनुभव के बोल हैं।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था
राजनाथ सिंह ने सोमवार को वर्चुअल रैली महाराष्ट्र जन संवाद में कहा था कि महाराष्ट्र में तीन दलों की सरकार हैं। एक पूर्व मुख्यमंत्री भी सरकार में मंत्री है।
इसके बावजूद ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में सरकार के नाम पर सर्कस चल रहा है। शरद पवार जैसा कुशल नेतृत्व होते हुए भी राज्य को इस स्थिती में देखना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अस्पतालों में शव के साथ मरीजों का इलाज होने की तस्वीरें टेलीविजन पर दिखाई दी हैं। ऐसा लगता है जैसै महाराष्ट्र में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।
महाराष्ट्र सरकार को यह देखना चाहिए कि किस तरह उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की सरकारों ने कोरोना वायरस को नियंत्रित किया है। कोविड-19 की महाराष्ट्र में स्थिति सरकार की अक्षमता को दर्शाती है।