फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra: Mumbai battling Corona has no beds nor medical staff, all government-private hospitals filled with patients

महाराष्ट्रः कोरोना से जूझती मुंबई में न बेड हैं न मेडिकल स्टाफ, सरकारी-प्राइवेट सभी अस्पताल मरीजों से भरे

Mon, 25 May 2020 01:01 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 25 May 2020 01:01 PM IST
सार

  • फुटपाथ और ब्रिज के नीच पड़े हैं नॉन कोविड के मरीज
  • अन्य बीमारियों का इलाज करने के लिए आईसीयू, बेड और डॉक्टर कम पड़े
  • अस्पतालों में 100 से ज्यादा मेडिकल स्टॉफ कोरोना से संक्रमित

विज्ञापन
Maharashtra: Mumbai battling Corona has no beds nor medical staff, all government-private hospitals filled with patients
कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी शहर की अपेक्षा उत्तम दर्जे की मानी जाती हैं। लेकिन कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से मुंबई अप्रत्याशित तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संकट के कगार पर पहुंच गई है।

विज्ञापन


चाहे सरकारी हो या प्राइवेट, सभी अस्पताल संक्रमित मरीजों से भरे पड़े हैं। नए मरीजों को भर्ती करने के लिए जहां बेड की तंगी है वहीं, मेडिकल स्टॉफ भी कम पड़ने लगा है।
विज्ञापन


मुंबई कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित है। वहीं, नॉन कोविड के मरीजों की भी बड़ी संख्या है। कोविड-19 के साथ अन्य बीमारियों का इलाज करने के लिए आईसीयू, बेड और डॉक्टर कम पड़ गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालात यह है कि सांसद, विधायक भी किसी कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल में भर्ती नहीं करा पा रहे हैं। गरीबों का इलाज तो दूर जो पैसा खर्च करने की स्थिति में हैं उनको भी अस्पताल में जगह नहीं मिल रही है।

घाटकोपर के एक 65 वर्षीय मरीज को कई दिन परेशान होने के बाद एक केंद्रीय मंत्री की सहायता से लीलावती अस्पताल में भर्ती किया जा सका। वहीं, जिन मरीजों को कोरोना नहीं है वे फुटपाथ और पुल के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं।

दरअसल, अस्पतालों में 100 से ज्यादा मेडिकल स्टॉफ कोरोना से संक्रमित हो गए हैं, जिससे अस्पतालों में ओपीडी सुविधा बंद है। लिहाजा, मरीजों को बीच सड़क पर या फिर पुल के नीचे रहना पड़ रहा है।

इनमें अधिकतर मरीज उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हैं। परेल के हिंदमाता ब्रिज के नीचे ऐसे ही नॉन कोविड के 50 से ज्यादा मरीजों को शिफ्ट किया गया है। कोरोना महामारी में उपेक्षित इन मरीजों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी जुझ रहे लोग हैं।

कोरोना संक्रमण के उच्च दौर से गुजर रही है मुंबई

कोरोना टास्कफोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी का कहना हैं कि महानगर में कोरोना संक्रमण का यह उच्च दौर है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयानक हो सकती है। फिलहाल, मृत्युदर 3.33 फीसदी है।

सुकून की बात यह है कि केंद्र ने जो आंकड़े बताए थे उससे संख्या अभी कम है। लेकिन मुंबई में हर दिन न्यूयार्क से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। मौत का आंकड़ा बेशक उतना नहीं है। लेकिन कुल मिलाकर तस्बीर काफी खराब है।

धारावी में खतरनाक स्तर पर कोरोना

एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में अप्रैल के पहले सप्ताह में एक सफाईकर्मी कोरोना संक्रमित पाया गया था। उसके बाद से इस साढ़े सात लाख की आबादी कोरोना की चपेट में है।

बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि धारावी में ठीक होने की दर 39 फीसदी है जबकि मृत्युदर 4 फीसदी है जो शहर और राज्य की तुलना में अधिक है।

मुंबई के संक्रमितों से बेहाल हैं पांच महानगरपालिका

मुंबई में कोरोना संक्रमण के चलते आसपास की 5 महानगरपालिका क्षेत्र का भी बुरा हाल है। इनमें ठाणे, मीरा-भाइंदर, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर महानगरपालिका शामिल है। मुंबई के अस्पतालों और पुलिस थाने में कार्यरत ज्यादातर लोग इन्ही महानगरपालिका क्षेत्र में रहते हैं। उनसे लोग संक्रमित हो रहे हैं।

मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त चंद्रकांत डांगे कहते हैं कि अब तक जितने संक्रमित मिले हैं उनका कहीं न कहीं मुंबई कनेक्शन सामने आया है। यदि मुंबई कनेक्शन खत्म हो जाए तो एक हफ्ते में कोरोना पर नियंत्रण पा सकते हैं। 

संक्रमण के साथ ही ठीक भी हो रहे हैं मरीज- डॉ. ओक

कोरोना टॉस्कफोर्स के अध्यक्ष डॉ. संजय ओक का कहना है कि मुंबई में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है लेकिन उतनी ही तेजी के साथ मरीज स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। मुंबई में मरीजों की संख्या को देखते हुए बीएमसी और सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ ही फील्ड अस्पताल भी बनाया जा रहा है।

मुर्दाघर में जगह नहीं, अब शुरू होगा मोबाइल मुर्दाघर

मुर्दाघर में भी जगह नहीं बची। दाह संस्कार के लिए श्माशान भूमि में 8 घंटे बाद नंबर आ रहे हैं। केईएम, सायन के बाद घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल में कोरोना मरीजों के बीच शव पड़े रहने का वीडियो वायरल हुआ है।

मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर कहती है कि कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ रहा है। इसलिए मुंबई में 15 मुर्दाघर जल्द ही शुरू किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed