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महाराष्ट्रः कोरोना वायरस के चलते गणेशोत्सव पर संकट, सादगी से मनाने का फैसला!

Tue, 05 May 2020 08:35 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 05 May 2020 08:35 PM IST
सार

  • गणेशोत्सव मंडल सशंकित, मूर्तिकारों में भी भ्रम की स्थिति
  • कई साल पहले प्लेग के 11 दिन तक घर में गणेश की प्रतिमा रखकर की थी पूजा

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Crisis on Ganeshotsav due to Corona virus in Maharashtra, decided to celebrate with simplicity
लोग गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे बोलते हुए - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

महाराष्ट्र के विश्वप्रसिद्ध गणेशोत्सव पर इस बार कोरोना वायरस का संकट मंडराने लगा है। हर साल गणेशोत्सव पर्व को लेकर मई महीने से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन के कारण गणेशोत्सव मंडल भी सशंकित है।

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वहीं, कई सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों ने इस बार सादगी से पर्व मनाने का निश्चय किया है। जबकि मूर्तिकारों में भ्रम की स्थिति है।

बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने गणेशोत्सव को लेकर बैठक की। इस बैठक में राज्य में कोरोना महामारी के संकट को लेकर चर्चा हुई। महाराष्ट्र देश में कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित राज्य है। मुंबई और पुणे की हालात चिंताजनक हैं।

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वहीं, सूबे में बीते 40 दिन से अधिक समय से लॉकडाउन जारी है। फिर भी अभी तक राज्य के 14 जिले रेड जोन में हैं। हालांकि अब धीरे-धीरे नियमों में ढील दी जा रही है लेकिन जनजीवन के पटरी पर उतरने में काफी समय लग सकता है।
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इसका असर गणेशोत्सव पर भी होने की संभावना है। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और पुणे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग (समाजिक दूरी) का पालन लंबे समय तक करना जरूरी है।

ऐसे में इस साल गणेशोत्सव मनाया जाएगा या नहीं, इसे लेकर भी गणेशोत्सव मंडल के एक समूह के मन में शंका है। परन्तु, अनेक गणेशोत्सव मंडलों को लगता है कि सामान्य तरीके से पर्व मनाया जा सकता है। मूर्तिकारों ने अभी तक अपना काम शुरू नहीं किया है क्योंकि उनमें भ्रम की स्थिति है।

बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र दहीबावकर ने कहा कि गणेशोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए किसी का जीवन खतरे में नहीं डाला जा सकता। कई साल पहले प्लेग के समय भी लोगों ने 11 दिन तक अपने घर में गणेश की प्रतिमा रखकर पूजा की थी।


26 जुलाई 2005 को मुंबई में आई बाढ़ में भी हमने संयम का परिचय दिया था और लोगों की मदद की थी। वैसे ही कोरोना संकट में भी गणेशोत्सव मंडल प्रशासन का साथ दे रहा है। इसके मद्देनजर समन्वय समिति की बैठक में सादगी से गणेशोत्सव मनाने का फैसला हुआ है।
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