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एचडीएफसी बैंक के वाइस प्रेसीडेंट का शव बरामद, प्रमोशन से जलकर की थी हत्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:16 AM IST
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एचडीएफसी वाइस प्रेसिडेंट,सिद्धार्थ सिंघवी
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मुंबई के एचडीएफसी बैंक के वाइस प्रेजिडेंट सिद्धार्थ किरन सिंघवी का शव कल्याण हाईवे से बरामद कर लिया गया है। सिद्धार्थ के लापता होने की गुत्थी मुंबई पुलिस ने लगभग सुलझा ली है। नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने बीस साल के एक मजदूर को हिरासत में लिया है जिसका नाम रईस उर्फ सरफराज शेख है। पुलिस के मुताबिक रईस नाम के इसी शक्स ने खूनी के इशारे पर सिद्धार्थ सिंघवी की लाश को कल्याण हाईवे के पास ठिकाने लगाया है।
मुंबई पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह भी बताई है, पूछ-ताछ में पुलिस को पता चला है कि सिद्धार्थ की हत्या प्रोफेश्नल जलन की वजह से की गई है। पुलिस ने इस मामले से जुड़े चार लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें एक औरत भी शामिल है। लोअर परेल की एन एम जोशी मार्ग की पुलिस ने छानबीन के बाद मालाबार हिल में रहने वाले सिद्धार्थ की हत्या में इन चारों की संलिप्तता की बात रही है। फिलहाल इनके नाम का खुलासा नही किया जा रहा पर पुलिस का दावा है कि सिद्धार्थ की कामयाबी इन लोगों को खटक रही थी और जलन की वजह से उसकी हत्या कर दी गई।
सिद्धार्थ सिंघवी एचडीएफसी बैंक के लोअर परेल ब्रांच में बतौर सीनियर एक्सेक्यूटिव क्रेडिट और मार्केट रिस्क विभाग में कार्यरत था। बैंक के सहकर्मियों के मुताबिक सिद्धार्थ ने 2007 में एचडीएफसी बैंक सीनियर मैनेजर के तौर पर ज्वाइन किया था। 2011 में सिद्धार्थ को प्रमोशन मिला और वो असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट बन गया। इसी तरह बहुत ही कम समय में 2015 में सिद्धार्थ को फिर प्रोमोट करते हुए डेप्युटी वाइस प्रेसिडेंट बना दिया गया और सिर्फ दो साल बाद यानि 2017 में वाइस प्रेसिडेंट। लगातर और बेहद कम समय में मिला तरक्की और पॉवर से सिद्धार्थ के सहकर्मी काफी जलने लगे थे।
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मुंबई के कमला मिल ऑफिस से एचडीएफसी बैंक से सिद्धार्थ किरन सिंघवी बुधवार से ही लापता थे । पुलिस ने बताया कि वह अपनी पत्नी और चार साल की बेटी के साथ मसाबार हिल में रहते हैं। बुधवार की सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर वह ऑफिस के लिए निकले और अभी तक घर नहीं पहुंचे। उनकी गाड़ी भी गुरुवार को नवी मुंबई से बरामद की गई थी जिसकी सीट पर खून के धब्बे मिले थे।
वायरलेस मैसेज के जरिए मुंबई के सभी पुलिस स्टेशन को मामले की जानकारी दी गई थी। लेकिन गाड़ी मिलने के बाद से उनके लापता होने का रहस्य अब बढ़ता जा रहा था। पुलिस ने शनिवार को कहा कि अभी वह ठोस सबूत तलाश रही है। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें ऑफिस से निकलते हुए देखा गया। उनकी आखिरी लोकेशन भी वहीं पर ट्रैक हुई और बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया।
पुलिस को मामले में पहला सबूत गुरुवार की शाम मिला जब सिंघवी का फोन 5 मिनट के लिए स्विच ऑन हुआ था। इसकी लोटेकश भी वहीं की पाई गई जहां उनकी गाड़ी मिली थी। पुलिस को संदेह था कि ऑफिस छोड़ने के बाद कुछ और लोग भी सिंघवी के साथ होंगे।
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मुंबई पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह भी बताई है, पूछ-ताछ में पुलिस को पता चला है कि सिद्धार्थ की हत्या प्रोफेश्नल जलन की वजह से की गई है। पुलिस ने इस मामले से जुड़े चार लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें एक औरत भी शामिल है। लोअर परेल की एन एम जोशी मार्ग की पुलिस ने छानबीन के बाद मालाबार हिल में रहने वाले सिद्धार्थ की हत्या में इन चारों की संलिप्तता की बात रही है। फिलहाल इनके नाम का खुलासा नही किया जा रहा पर पुलिस का दावा है कि सिद्धार्थ की कामयाबी इन लोगों को खटक रही थी और जलन की वजह से उसकी हत्या कर दी गई।
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सिद्धार्थ सिंघवी एचडीएफसी बैंक के लोअर परेल ब्रांच में बतौर सीनियर एक्सेक्यूटिव क्रेडिट और मार्केट रिस्क विभाग में कार्यरत था। बैंक के सहकर्मियों के मुताबिक सिद्धार्थ ने 2007 में एचडीएफसी बैंक सीनियर मैनेजर के तौर पर ज्वाइन किया था। 2011 में सिद्धार्थ को प्रमोशन मिला और वो असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट बन गया। इसी तरह बहुत ही कम समय में 2015 में सिद्धार्थ को फिर प्रोमोट करते हुए डेप्युटी वाइस प्रेसिडेंट बना दिया गया और सिर्फ दो साल बाद यानि 2017 में वाइस प्रेसिडेंट। लगातर और बेहद कम समय में मिला तरक्की और पॉवर से सिद्धार्थ के सहकर्मी काफी जलने लगे थे।
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मुंबई के कमला मिल ऑफिस से एचडीएफसी बैंक से सिद्धार्थ किरन सिंघवी बुधवार से ही लापता थे । पुलिस ने बताया कि वह अपनी पत्नी और चार साल की बेटी के साथ मसाबार हिल में रहते हैं। बुधवार की सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर वह ऑफिस के लिए निकले और अभी तक घर नहीं पहुंचे। उनकी गाड़ी भी गुरुवार को नवी मुंबई से बरामद की गई थी जिसकी सीट पर खून के धब्बे मिले थे।
वायरलेस मैसेज के जरिए मुंबई के सभी पुलिस स्टेशन को मामले की जानकारी दी गई थी। लेकिन गाड़ी मिलने के बाद से उनके लापता होने का रहस्य अब बढ़ता जा रहा था। पुलिस ने शनिवार को कहा कि अभी वह ठोस सबूत तलाश रही है। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें ऑफिस से निकलते हुए देखा गया। उनकी आखिरी लोकेशन भी वहीं पर ट्रैक हुई और बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया।
पुलिस को मामले में पहला सबूत गुरुवार की शाम मिला जब सिंघवी का फोन 5 मिनट के लिए स्विच ऑन हुआ था। इसकी लोटेकश भी वहीं की पाई गई जहां उनकी गाड़ी मिली थी। पुलिस को संदेह था कि ऑफिस छोड़ने के बाद कुछ और लोग भी सिंघवी के साथ होंगे।
तेजी से पुलिस की जांच और छानबीन ने इस हाई प्रोफाइल मामले को लगभग क्रैक कर लिया है अब इंतजार है तो बस उन लोगों के चेहरे से नकाब हटने का जिन्होने अपने ही सहकर्मी की कामयाबी से जल कर उसे मौत के घाट उतार दिया।