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Kurla Mishap: क्या हादसे का कारण 'प्रशिक्षण का अभाव'? RTO अधिकारी कर रहे जांच; 21 दिसंबर तक हिरासत में चालक

Tue, 10 Dec 2024 04:58 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 10 Dec 2024 04:58 PM IST
सार

सरकार संचालित उपक्रम- बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की बस का कुर्ला में  हादसे का शिकार होना कई सवाल खड़े कर रहा है। कई वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मारने वाली 12 मीटर लंबी अत्याधुनिक बस के चालक की योग्यता और ट्रेनिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच मुंबई की एक अदालत ने आरोपी चालक को  21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पूरे मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।

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BEST bus accident: Mumbai court sends driver to police custody till December 21, forms probe committee
कुर्ला में हादसे के बाद घटनास्थल का मंजर - फोटो : पीटीआई / अमर उजाला

विस्तार

कुर्ला में बस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मुंबई के आरटीओ अधिकारियों को संदेह है कि कुर्ला बस हादसे का मूल कारण 'मानवीय भूल' और 'उचित प्रशिक्षण का अभाव' हो सकता है। हादसे के कुछ घंटे बाद वडाला आरटीओ की एक टीम मौके पर पहुंची। मोटर वाहन निरीक्षक भरत जाधव के नेतृत्व में आरटीओ टीम ने बेस्ट के कुर्ला डिपो में बस का निरीक्षण पूरा किया। आमतौर पर मोटर वाहन निरीक्षक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वाहनों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी आरटीओ पल्लवी कोठावड़े अन्य अधिकारियों के साथ कुर्ला पहुंचीं।
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बस के ब्रेक ठीक काम कर रहे थे
महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने कहा कि आरटीओ टीम ने बस की जांच की है, लेकिन ओलेक्ट्रा के इंजीनियरों की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नाम न बताने की शर्त पर आरटीओ के एक अधिकारी ने बताया कि जब आरटीओ की टीम ने बस की जांच की तो पाया कि बस के ब्रेक ठीक काम कर रहे थे। हालांकि, अपनी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए वे कुछ और चीजों की जांच करना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने ओलेक्ट्रा और बेस्ट दोनों से कुछ विवरण मांगे हैं। टीम ने बस के निरीक्षण के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बस की जांच की है। वे अपनी जांच रिपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंपेंगे।
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क्या 12 मीटर लंबी बस चलाने से पहले उचित प्रशिक्षण नहीं
हादसे के बाद शुरुआत में यह संदेह जताया गया कि ब्रेक फेल होना दुर्घटना का कारण हो सकता है। आरोपी ड्राइवर मोरे के परिवार ने भी दावा किया कि ब्रेक फेल होना दुर्घटना का कारण हो सकता है। परिवार के सदस्यों ने यह भी दावा किया कि उसने शराब नहीं पी थी। अधिकारी ने कहा, ऐसा लगता है कि बस चालक को पारंपरिक बसों की तरह क्लच और गियर रहित स्वचालित ट्रांसमिशन बस चलाने का अनुभव नहीं था। संभवतः उसे 12 मीटर लंबी बस चलाने की अनुमति देने से पहले उचित प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया था। अगर ड्राइवर को स्वचालित ट्रांसमिशन वाली बस चलाने का अनुभव नहीं है, तो वह शुरुआत में गति बढ़ाने और ब्रेक लगाने का उचित निर्णय नहीं ले पाता। इसलिए, ऐसा लगता है कि मानवीय भूल के कारण दुर्घटना हुई होगी।
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पूरी घटना 52 से 55 सेकंड के भीतर हुई
अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के आरटीओ द्वारा निरीक्षण के दौरान बस के ब्रेक और हेडलाइट सहित अन्य सभी प्रणालियां ठीक पाई गईं। आरटीओ सूत्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिक बस सिर्फ तीन महीने पुरानी थी। इसे 20 अगस्त 2024 को EVEY TRANS के नाम से पंजीकृत कराया गया था। ड्राइवर की भर्ती पुणे स्थित थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण दल ने बस के अंदर लगे तीनों सीसीटीवी कैमरों की जांच की। कैमरे में दर्ज फुटेज से पता चलता है कि पूरी घटना 52 से 55 सेकंड के भीतर घटित हुई।

ड्राइवर को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
हादसे से जुड़े इन खुलासों से पहले मुंबई की एक अदालत ने मंगलवार को बेस्ट बस दुर्घटना में शामिल ड्राइवर को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सोमवार देर शाम हुई इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हो गए थे। इस भीषण दुर्घटना के एक दिन बाद ड्राइवर संजय मोरे पर 'गैर इरादतन हत्या' का मामला दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में बीएमसी ने समिति का भी गठन किया है। 

सोमवार रात हादसा, पुलिस की अपील- आरोपी ड्राइवर को रिमांड पर भेजें
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम द्वारा संचालित बस ने सोमवार रात करीब 9.30 बजे कुर्ला (पश्चिम) में एसजी बर्वे मार्ग पर कई वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। बस चला रहे संजय मोरे को दुर्घटना के बाद हिरासत में लिया गया और बाद में उसे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मंगलवार को उसे मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया और दुर्घटना की आगे की जांच के लिए उसकी रिमांड मांगी। अदालत ने पुलिस की याचिका स्वीकार कर ली और मोरे को 21 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया।

बेस्ट ने कुर्ला में हुए बस हादसे की जांच के लिए समिति गठित की
वहीं बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम ने मुंबई के कुर्ला इलाके में हुए बस हादसे की जांच के लिए मंगलवार को एक समिति गठित कर दी है। बीएससी द्वारा संचालित बेस्ट ने एक विज्ञप्ति में बताया कि मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उपक्रम के मुताबिक जांच समिति की अध्यक्षता मुख्य प्रबंधक (परिवहन) रमेश मडावी करेंगे।

पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग
विज्ञप्ति के मुताबिक बेस्ट हादसे में घायल व्यक्तियों के इलाज का खर्च भी वहन करेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेस्ट के महाप्रबंधक अनिल दिग्गीकर से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार से दो लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।


बस और चालक का जिम्मा निजी ठेकेदार के पास
प्रतिनिधिमंडल ने इस हादसे के लिए 2018 से 2021 के बीच ‘वेट लीज मॉडल’ पर बसों को किराए पर लेने के फैसले को भी जिम्मेदार ठहराया। इस मॉडल के तहत निजी ठेकेदार बस और चालक प्रदान करता है और उनका रखरखाव भी करता है। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने इसकी समीक्षा की मांग की।

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