अग्रवाल जातीय कोष ने कोविड-19 के लिए बनाई 50 लाख रुपये खर्च की योजना
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अग्रवाल समाज की सबसे पुरानी व बड़ी संस्था अग्रवाल जातीय कोष ने कोविड-19 महामारी में 50 लाख रुपये खर्च की योजना बनाई है। संस्था के अध्यक्ष चंद्रकिशोर पोद्दार ने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही संस्था की ओर से लोगों की मदद की जा रही है। अस्पतालों में गर्मपानी की मशीन से लेकर मेडिकल बेड आदि मुहैया कराए गए हैं।
पोद्दार ने बताया कि कोरोना संक्रमण में ज्यादा से ज्यादा गर्मपानी पीने के लिए कहा जाता है। आयुष मंत्रालय ने भी कोविड-19 से लड़ने के लिए गर्म पानी पीना जरूरी बताया है। इसके मद्देनजर संस्था ने 10 लाख रुपए की कीमत वाले वोल्टास कंपनी के हॉट वॉटर डिस्पेंसर मशीनें खरीदी हैं।
मुंबई के नायर अस्पताल से लेकर पालघर के ढवले हास्पिटल में लगवाई गई। इसके अलावा हॉट वॉटर डिस्पेंसर ठाणे जिले में ग्रामीण के सभी 17 पुलिस थाने में और पुलिस उपायुक्त क्राइम ठाणे के तहत आने वाली सभी 7 यूनिट को प्रदान की गई।
संस्था के उपाध्यक्ष श्याम तोदी बताते हैं कि मुंबई उपनगर के मीरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में श्रमिकों के लिए बनाई जा रही खिचड़ी के लिए 5 लाख रुपये दिए गए। वहीं, प्रवासी मजदूरों को यात्रा के दौरान 2 लाख रुपये के विस्कुट और पानी की बोतल बांटी गई।
इसके साथ ही ठाणे जिले की बदलापुर नगरपरिषद अस्पताल में 25 मेडिकल बेड, श्री कल्याण आरोग्य सदन सीकर राजस्थान व विद्या गुरु फाउंडेशन हास्पिटल साबरकुंडला हास्पिटल गुजरात को 5-5 लाख, जनकल्याण समिति को 2 लाख दिए गए। मानद मंत्री विजय लोहिया ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद बढ़ाई जाएगी।
महात्मा गांधी की सलाह पर हुआ था संस्था का गठन
अग्रवाल जातीय कोष की स्थापना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सलाह पर जमनालाल बजाज, राम नारायण रुईया, ताराचंद घनश्यामदास पोद्दार और खेमराज श्रीकिशनदास जैसे समाज के अग्रणी लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मदद के लिए स्थापित की थी। आज भी संस्था उसी प्रेरणा के साथ समाज की मदद के लिए काम कर रही है।