फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   yapam: 70 suspects sought by the president

व्यापम: 70 आरोपियों ने मांगी 'मरने की अनुमति'

Mon, 10 Aug 2015 12:14 PM IST
Updated Mon, 10 Aug 2015 12:14 PM IST
विज्ञापन
yapam: 70 suspects sought by the president

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले में गिरफ्तार 70 मेडिकल छात्रों एवं जूनियर डॉक्टरों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से ‘न्याय’ की गुहार लगाई है। ये सभी लोग इस समय ग्वालियर जेल में बंद हैं।

विज्ञापन


इन लोगों ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में लिखा है, या तो उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाए अथवा उन्हें अपना जीवन खत्म करने की अनुमति दे दी जाए।

इन सभी पर व्यापम के तहत हुई प्री-मेडिकल परीक्षा को अनुचित तरीकों से पास करने का आरोप है। छात्रों की ओर से इस पत्र पर ग्वालियर जेल में बंद 70 आरोपियों में से एक के पिता एएस यादव ने हस्ताक्षर किए हैं।
विज्ञापन

कहा, मन में घर कर रहा आत्महत्या का विचार

yapam: 70 suspects sought by the president

इसमें लिखा है कि ‘हम विचाराधीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। हमें जेल में लंबा समय बीत चुका है। इसके परिणामस्वरूप हमारा भविष्य पूरी तरह अंधकार में है। हम भारी मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं। यह हमारे अंदर आत्महत्या जैसे नकारात्मक विचारों को विकसित कर रहा है।’

इसमें कहा गया है कि ‘हम में से अधिकतर काम कर रहे जूनियर डॉक्टर और मेडिकल कोर्स कर रहे छात्र हैं। हमारा परिवार एवं माली हालत काफी खराब स्थिति में है। हमारे लंबे समय से जेल में बंद होने से परिवार भुखमरी के कगार पर खड़ा है।’

पत्र में आरोप लगाया गया है कि ‘न्याय प्रक्रिया प्रणाली में असमानता के चलते सभी जूनियर डॉक्टर ग्वालियर जेल में हैं। वहीं आईपीसी की इन्हीं धाराओं में गिरफ्तार हमारे दूसरे समकक्ष, जो जबलपुर, भोपाल और दूसरी जगहों पर बंद थे, उन्हें सत्र अदालत और हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।’

राजनीतिक कारणों से नहीं दी जा रही जमानत

yapam: 70 suspects sought by the president

पत्र के मुताबिक, ‘व्यापम प्रवेश समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बचाने के लिए गलत कामों में शामिल काउंसलिंग समिति द्वारा लाचार एवं कमजोर वर्ग के मेडिकल छात्रों को आरोपी बनाया जा रहा है और उन्हें राजनीतिक कारणों से जमानत देने से इनकार किया जा रहा है।’

इसमें कहा गया है कि ‘जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों में आपराधिक प्रवृत्ति पैदा करने की  कोशिश की जा रही है।‘ ‘इसलिए हमारा माननीय राष्ट्रपति से निवेदन है कि न्याय प्रक्रिया प्रणाली में समानता लाते हुए हमें जमानत दी जाए ताकि हमारी मेडिकल प्रैक्टिस और छात्रों की पढ़ाई लंबे समय तक अवरुद्ध न हो सके।

हम आपसे उचित न्याय और जमानत के लिए विनम्र प्रार्थना करते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो हमें अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति दे दी जाए।’ इस पत्र को पीएमओ, भारत के मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य को भी भेजा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed