व्यापमं घोटाला : सीबीआई अदालत ने मामले से जुड़े एक आरोपी को सुनाई 5 साल की सजा
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इंदौर में सीबीआई अदालत ने व्यापमं मामले से जुड़े एक आरोपी को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा मध्यप्रदेश में 2009 से संबंधित मामले में सुनाई गई है। इंदौर विशेष जज जेपी सिंह की कोर्ट में मनोज पुत्र रामप्रसाद जाटव को पांच साल सश्रम कैद की सजा सुनाई गई। मामले में सीबीआई की ओर से अधिवक्ता रंजन शर्मा ने पैरवी की।
#VyapamScam: CBI Court in Indore sentences an accused, Manoj, 5 years jail term. The case pertains to 2009. #MadhyaPradesh
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— ANI (@ANI) December 18, 2018
व्यापमं घोटाले में इंदौर के डेंटल कालेज में 2006 से 2011 में PMT परीक्षा पास करने वाले ऐसे छात्रों की सूची की जांच करने के आदेश दिए गए थे जिनके पीएमटी परीक्षा व कॉलेज में भरे गए फॉर्म व फोटो में अंतर है। इसमें 2009 में पीएमटी परीक्षा देने वाले मनोज जाटव का नाम भी आया था। डेंटल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल सुभाष गर्ग की रिपोर्ट पर संयोगिता गंज पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसकी जांच बाद में सीबीआई के हवाले कर दी गई थी। अदालत में सीबीआई की ओर से 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए जिसमें पाया गया कि मनोज की जगह किसी अन्य ने परीक्षा दी थी। जानकारी के मुताबिक मनोज जाटव के नाम पर किसी हेमंत नामक युवक ने परीक्षा दी थी। सीबीआई ने उसे तलाशने की काफी कोशिश की लेकिन वह अब भी पकड़ से बाहर है।
यह है व्यापमं
व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) मध्य प्रदेश में उन पदों की भर्तियां करता है, जिनकी भर्तियां मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग नहीं करता। साथ ही ये मध्यप्रदेश पीएमटी के माध्यम से मेडिकल कालेजों में प्रवेश सूची तैयार करता है। व्यापमं घोटाले में आरोप है कि कंप्यूटर सूची में हेराफेरी करके अनुचित तरीके से अपात्र लोगों को भर्ती कराया गया। यह मामला 2013 में उछला था।
