Vindhya Janata Party: विजयवर्गीय बोले- कब क्या निर्णय लें, इस बारे में या तो भगवान जानते हैं या स्वयं नारायण
Vindhya Janata Party: बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। इस पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसा है। उन्होंने कहा, उनके फैसले को या तो भगवान जानते हैं या स्वयं नारायण।
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विस्तार
मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपनी नई पार्टी VJP (विंध्य जनता पार्टी) का एलान कर दिया। इस पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, नारायण कब क्या निर्णय लें, इस बारे में या तो भगवान जानते हैं या स्वयं नारायण। नारायण हमारे मित्र हैं। अगर वे प्रत्याशी उतारते हैं तो तब की तब देखी जाएगी। रणनीति भी तभी तय की जाएगी। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जहां तक विंध्य प्रदेश की बात है तो इस बारे में हमारी पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। विंध्य क्षेत्र की सर्वाधिक सीटों पर बीजेपी की जीत होगी।
बता दें कि विजयवर्गीय मंगलवार को सतना जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने मैहर में माता शारदा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मप्र सरकार अच्छे काम कर रही है। बीजेपी ने जनता का विश्वास जीता है। पूरे देश में मोदी के नेतृत्व में विकास की लहर साफ दिखाई देती है। बीजेपी के कार्यों से जनता में विश्वास और कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
बीजेपी विनिंग कैंडिडेट को ही टिकट देगी...
विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, सरकार नंबर से बनती है। बीजेपी विनिंग कैंडिडेट को ही टिकट देगी। बीजेपी में कार्यकर्ताओं से फीड बैक लिया जाता है, जिसके नाम पर कार्यकर्ता सहमत होते हैं उसे ही प्रत्याशी बनाया जाता है। हालांकि, प्रत्याशी चयन हमारा काम नहीं है।
30 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान...
नारायण त्रिपाठी ने रीवा और शहडोल संभाग की 30 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का एलान किया है। उन्होंने कहा, विंध्य की सभी सीटों पर जनता पार्टी यानी VJP के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। इसका पंजीयन 15 अप्रैल तक हो जाएगा। विंध्य के लोग विंध्य की पार्टी से चुनाव लड़ने का मन बना लें। त्रिपाठी लंबे समय से विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं। मैहर में आयोजित विंध्य प्रीमियर लीग सीजन-2 के समापन समारोह में अपनी पार्टी का एलान कर दिया। अब तक सपा, कांग्रेस और बीजेपी से चार मर्तबा विधायक निर्वाचित हो चुके नारायण ने नेता जी सुभाष चंद बोस के 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा' नारे की तर्ज पर कहा, 'तुम मुझे 30 दो मैं, तुम्हें 2024 में विंध्य दूंगा।' नारायण ने कहा, शुरुआत इन 30 सीटों से होगी। फिर इसका विस्तार उन तमाम जिलों और क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जो मध्यप्रदेश में विलय के पहले विंध्य प्रदेश का हिस्सा थे, लेकिन उसके पहले हमें अपना यह घर ठीक करना होगा। सात जिलों की 30 सीटों पर लड़ना और जीतना होगा। हम अपना विंध्य लेकर रहेंगे।
'मैहर को जिला बनाना पड़ेगा'
सरकार को विंध्य को प्रदेश और मैहर को जिला बनाना पड़ेगा। हमारे साथ अन्याय हुआ है, हमारा विंध्य हमसे छीना गया है। हम इसे वापस लेकर रहेंगे। विंध्य की मांग करने में नेता सरकारों की नाराजगी से डरते रहे हैं, लेकिन मुझे कोई डर इसलिए नहीं है। क्योंकि मेरा इस मप्र की धरती पर कोई धंधा-कारोबार नहीं है, जिसे सरकार बंद करा दे। मेरा एक ही सपना विंध्य प्रदेश का पुनरोदय है, क्योंकि हमारे क्षेत्र और हमारी पीढ़ियों का विकास विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन से ही होगा। नई पार्टी के एलान के बाद प्रदेश में सियासी गरमाहट बढ़ गई है। पिछली बार विंध्य की 30 सीटों में से 27 सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल की थी। अगर इस बार नारायण की वीजेपी चुनाव मैदान में उतरी तो इसका सीधा असर बीजेपी के वोटों और रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया जिले में बीजेपी के कब्जे वाली सीटों पर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
दशकों से उठ रही मांग...
पिछले छह दशक से मप्र में पृथक विंध्य राज्य की मांग उठ रही है। चार साल पहले भोपाल में हुए विंध्योत्सव कार्यक्रम में भी इस संबंध में मांग उठाई गई थी। नवंबर 1956 में जब मप्र का गठन हुआ, तब यह मांग आई थी। मप्र विधानसभा के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी भी इस मांग के समर्थक थे। उन्होंने इस मुद्दे पर विधानसभा में राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा था। उन्होंने उप्र व मप्र के बघेलखंड व बुंदेलखंड को मिलाकर नया राज्य बनाने की मांग उठाई थी।
