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Umaria Tender Scam: विशेष न्यायाधीश ने सुनाया फैसला; तीनों अभियुक्तों को 5-5 वर्ष की सजा, भेजा गया जेल

Sat, 14 Oct 2023 09:39 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 14 Oct 2023 09:39 AM IST
सार

निविदा घोटाले में तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, एसडीओ तथा मानचित्रकार को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है।

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Three sent to jail in Umaria Tender Scam
जिला एवं सत्र न्यायालय। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग में वर्ष 18 वर्ष पूर्व हुए निविदा घोटाले में अदालत ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, एसडीओ तथा मानचित्रकार को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। 

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जानकारी के मुताबिक ताला मानपुर में आरसीसी ओव्हर हेड टैंक एवं सम्पवेल कम पंप हाउस निर्माण हेतु विभाग ने विगत 2004-05 में पुनरीक्षित निविदा आमंत्रित की थी। इसमें कुल 10 निविदाकारों ने हिस्सा लिया था। निर्धारित तिथि पर अनुविभागीय अधिकारी वीके मरावी एवं मानचित्रकार आरएल विश्वकर्मा द्वारा सभी निविदाकारों के समक्ष की निविदायें खोली गईं। इसमें उक्त कार्य हेतु सबसे कम दरें मेसर्स केबी गुप्ता क्योतरा बांदा उप्र की रिवाईज्ड ऑफर ओएचटी के स्तम्भ मे रुपये 9 लाख एवं सम्पवेल के स्तम्भ मे रुपये 4 लाख 19 हजार 500 रुपये पाई गई और यह टेंडर संबंधित फर्म को प्राप्त हुआ था।
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यह था मामला
एक माह बाद फर्म के मालिक केबी गुप्ता को जानकारी मिली कि उनकी दरें न्यूनतम होने के बावजूद अधिकारियों ने लेनदेन और सांठगांठ कर सेकंड लोवेस्ट फर्म में मोहनदयाल भार्गव की निविदा स्वीकृत करने प्रकरण उच्च अधिकारियों को प्रेषित की गई है। इससे व्यथित हो कर प्रथम निविदाकार किशन बाबू गुप्ता ने मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जबलपुर तथा लोकायुक्त कार्यालय भोपाल को लिखित शिकायत की। जिस पर लोकायुक्त द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्रवाई शुरू की गई।
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दर्ज किया अपराध
लोकायुक्त द्वारा संबंधित निविदा से संबंधित अभिलेखों की जांच तथा आरोपीगणों के कथन उपरांत प्रथम दृष्टतया दोषी पाए जाने पर तत्कालीय कार्यपालन यंत्री एएच प्रधान के विरूद्ध धारा 471, 477क सहपठित धारा 120बी, आरएल  विश्वकर्मा के विरूद्ध धारा 468, 471, 477क सहपठित धारा 120बी एवं सहायक यंत्री वीके मरावी के विरूद्ध धारा 468 सहपठित धारा 120 बी का अपराध पंजीबद्ध किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी एडीपीओ केआर पटेल द्वारा की गई।


इन धाराओं में सुनाई सजा
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम उमरिया द्वारा प्रकरण के सूक्ष्म परिशीलन के उपरांत दोषी पाये जाने पर अभियुक्त एएच प्रधान को धारा 465 एवं 120बी में दो वर्ष का कठोर कारावास व 2000 रुपये का अर्थदंड, धारा 477क व धारा 120बी में पांच वर्ष का कठोर कारावास व 5000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। जबकि वीके मरावी को धारा 468 व120बी में पांच वर्ष का कठोर कारावास, 5000 रूपये के अर्थदण्ड एवं आरएल विश्वकर्मा को धारा 468 तथा120बी में पांच वर्ष का कठोर कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड, धारा 465 सहपठित धारा 120बी मे दो वर्ष का कठोर कारावास, 2000 का अर्थदण्ड एवं धारा 477क तथा 120 बी मे पांच वर्ष के कठोर कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण्ड का आदेश पारित किया गया है।

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