Umaria News: अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन का विधायक ने किया लोकार्पण, खाली कुर्सियों ने सुनी BJP की वाहवाही
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कम भागीदारी और आयोजकों की गलतियों ने निराशा उत्पन्न की। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और विसंगतियां कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बनीं, जिससे जनसंबंधों में खटास आई।
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भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में खाली कुर्सियां भाजपा की आलोचना करती नजर आईं। पहले सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली के विद्यार्थियों से इन कुर्सियों को भरा गया था, लेकिन पत्रकारों द्वारा फोटो लेने के बाद उन्हें कार्यक्रम से हटा दिया गया।
तहसील परिसर में आयोजित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन का लोकार्पण कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन की पूर्व कैबिनेट मंत्री और मानपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मीना सिंह ने फीता काटकर शुरू किया। एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये की लागत से बने इस भवन के लोकार्पण में केवल कुछ लोग ही शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम की कम भागीदारी से निराशा जताई गई। आयोजन में कई विसंगतियां थीं, जैसे कि आमंत्रण पत्र में आयोजक के रूप में राजस्व विभाग और अंदर के पत्र में लोक निर्माण विभाग का नाम था, जो आयोजकों की कलुषित मंशाओं को उजागर करता है।
कार्यक्रम में परंपराओं की अनदेखी करते हुए न तो अध्यक्ष का नाम लिया गया, न ही किसी को अध्यक्ष बनाया गया। हालांकि नगर पालिका परिषद पाली की अध्यक्ष शंकुतला प्रधान, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, पूर्व उपाध्यक्ष रामधनी प्रधान और जनपद पंचायत पाली के सदस्य उपस्थित थे, लेकिन किसी को सम्मानित नहीं किया गया, जो जनप्रतिनिधियों का अपमान था।
कार्यक्रम में लगाए गए बैनरों पर केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधायक मीना सिंह के नाम थे, अन्य जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया गया। तहसील परिसर में संपन्न इस कार्यक्रम में तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विष्णु देव चौहान और सचिव सुशांत सक्सेना मौजूद रहे, लेकिन अन्य अधिवक्ताओं की उपस्थिति नगण्य रही। कुछ अधिवक्ताओं ने पाली में न्यायालय भवन न बनने की आलोचना की, और इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और भेदभावपूर्ण कार्यशैली का परिणाम बताया।

कार्यक्रम में खाली पड़ी कुर्सियां
