{"_id":"6808502a64f4d5966209215c","slug":"abhisheel-jaiswal-of-naurozabad-got-538th-rank-in-upsc-brought-laurels-to-the-district-umaria-news-c-1-1-noi1225-2864780-2025-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UPSC Result: नौरोजाबाद के अभिशील जायसवाल ने हासिल की 538वीं रैंक, जिले का नाम किया रौशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UPSC Result: नौरोजाबाद के अभिशील जायसवाल ने हासिल की 538वीं रैंक, जिले का नाम किया रौशन
Wed, 23 Apr 2025 09:16 AM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Wed, 23 Apr 2025 09:16 AM IST
सार
UPSC Result: जैसे ही अभिशील का नाम यूपीएससी की मेरिट लिस्ट में आया, पूरे जीएम कॉम्प्लेक्स और नौरोजाबाद में बधाइयों का तांता लग गया। परिजन, रिश्तेदार, मित्र और स्थानीय लोग उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी अभिशील की तारीफ हो रही है और लोग उन्हें ‘उमरिया का सितारा’ कह रहे हैं।
विज्ञापन
अभिशील जायसवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उमरिया जिले के नौरोजाबाद स्थित जीएम कॉम्प्लेक्स के निवासी अभिशील जायसवाल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 538वीं रैंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। उनके इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है और हर कोई उनके इस सफलता की सराहना कर रहा है।
अभिशील की इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास छिपा है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नौरोजाबाद में ही प्राप्त की और आगे की पढ़ाई के लिए वह बाहर गए। अभिशील ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों और प्रतियोगिता के कठिन स्तर के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार प्रयासरत रहे।
अभिशील का कहना है कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग और समर्थन का परिणाम है। वे मानते हैं कि सही दिशा में कड़ी मेहनत, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता की कुंजी हैं।
विज्ञापन
उनके पिता एक कोयला क्षेत्र में कार्यरत हैं और मां गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने वाले अभिशील ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है, और वे अब बड़े सपनों को देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
पढ़ें: 512वीं रैंक पर आकर खंडवा की रूपल ने किया कमाल, घर में रहकर थी तैयारी; कोचिंग का नहीं लिया सहारा
भविष्य में अभिशील का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के कमजोर वर्गों की सेवा करना है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित रहें और कभी हार न मानें। अभिशील जायसवाल की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे उमरिया जिले के लिए एक गर्व का क्षण है। यह साबित करता है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
अभिशील की इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास छिपा है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नौरोजाबाद में ही प्राप्त की और आगे की पढ़ाई के लिए वह बाहर गए। अभिशील ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों और प्रतियोगिता के कठिन स्तर के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार प्रयासरत रहे।
विज्ञापन
अभिशील का कहना है कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग और समर्थन का परिणाम है। वे मानते हैं कि सही दिशा में कड़ी मेहनत, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता की कुंजी हैं।
विज्ञापन
उनके पिता एक कोयला क्षेत्र में कार्यरत हैं और मां गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने वाले अभिशील ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है, और वे अब बड़े सपनों को देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
पढ़ें: 512वीं रैंक पर आकर खंडवा की रूपल ने किया कमाल, घर में रहकर थी तैयारी; कोचिंग का नहीं लिया सहारा
भविष्य में अभिशील का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के कमजोर वर्गों की सेवा करना है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित रहें और कभी हार न मानें। अभिशील जायसवाल की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे उमरिया जिले के लिए एक गर्व का क्षण है। यह साबित करता है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।
