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Ujjain: 8 मिमी आकार की चने की 12 दालों पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग, वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ दीक्षा का नाम
Fri, 05 Jun 2026 10:48 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 10:48 PM IST
सार
जहां एक चने की दाल पर नाम लिखना भी मुश्किल माना जाता है, वहीं उज्जैन की दीक्षा कुशवाह ने 8 mm की 12 दालों पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उनकी यह अनोखी उपलब्धि अब वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है।
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दीक्षा कुशवाह ने 22 मिनट में चने की दाल पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रतिभा और लगन के दम पर उज्जैन की बेटी दीक्षा कुशवाह ने एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। ऋषि नगर निवासी दीक्षा ने मात्र 8 मिलीमीटर आकार की 12 चने की दाल पर भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां उकेरकर वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह अद्भुत उपलब्धि केवल 22 मिनट में हासिल की।
जानकारी के अनुसार दीक्षा ने 13 अप्रैल को माइक्रोस्कोपिक टूल और विशेष ब्रश की सहायता से चने की एक दाल पर 12 ज्योतिर्लिंगों की सूक्ष्म आकृतियां तैयार कीं। इतनी छोटी सतह पर इतनी बारीकी से कला का प्रदर्शन करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।
दीक्षा ने बताया कि केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन के बाद उनके मन में कुछ अलग और अनोखा करने का विचार आया। इसी दौरान उन्होंने अपने कॉलेज में अन्य विद्यार्थियों को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा, जिसके बाद उन्होंने सबसे छोटी सतह पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने यह उपलब्धि शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के मार्गदर्शन में हासिल की।
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ये भी पढ़ें: Chittorgarh News: गोमुख झरने के पास संदिग्ध हालत में मिला युवती का शव, हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
बता दें कि दीक्षा इससे पहले भी अपनी सूक्ष्म और रचनात्मक कलाकृतियों के माध्यम से कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कर चुकी हैं। हालांकि चने की दाल पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरने की इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर ने दीक्षा की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल कला नहीं, बल्कि साधना और एकाग्रता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी सतह पर 12 ज्योतिर्लिंग बनाना असाधारण धैर्य, समर्पण और कौशल का परिचायक है।
दीक्षा की इस उपलब्धि पर उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार दीक्षा ने 13 अप्रैल को माइक्रोस्कोपिक टूल और विशेष ब्रश की सहायता से चने की एक दाल पर 12 ज्योतिर्लिंगों की सूक्ष्म आकृतियां तैयार कीं। इतनी छोटी सतह पर इतनी बारीकी से कला का प्रदर्शन करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।
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दीक्षा ने बताया कि केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन के बाद उनके मन में कुछ अलग और अनोखा करने का विचार आया। इसी दौरान उन्होंने अपने कॉलेज में अन्य विद्यार्थियों को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा, जिसके बाद उन्होंने सबसे छोटी सतह पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने यह उपलब्धि शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के मार्गदर्शन में हासिल की।
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बता दें कि दीक्षा इससे पहले भी अपनी सूक्ष्म और रचनात्मक कलाकृतियों के माध्यम से कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कर चुकी हैं। हालांकि चने की दाल पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरने की इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर ने दीक्षा की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल कला नहीं, बल्कि साधना और एकाग्रता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी सतह पर 12 ज्योतिर्लिंग बनाना असाधारण धैर्य, समर्पण और कौशल का परिचायक है।
दीक्षा की इस उपलब्धि पर उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
