Ujjain Rains: रात को महाकाल मंदिर में पानी, सुबह सब साफ, दोपहर तक 80 हजार ने किए दर्शन, स्कूलों में छुट्टी
उज्जैन में हुई तेज बारिश की वजह से महाकाल मंदिर के कार्तिक और गणेश मंडपम तक पानी पहुंच गया। बारिश की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी। गंभीर डैम का भी एक गेट खोला गया है।
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उज्जैन में तेज बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाकालेश्वर मंदिर के कार्तिक और गणेश मंडपम तक बारिश का पानी पहुंच गया। महाकाल मंदिर में झरने का अहसास हो रहा था। शिप्रा नदी छोटे पुल से करीब आठ फीट ऊपर बह निकली। रामघाट के मंदिर और घाट पूरी तरह पानी में डूबे हैं। लगातार हो रही बारिश और आसपास आ रहे बारिश के पानी के कारण स्थिति ऐसी हो गई कि शनिवार सुबह जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी। गंभीर डैम का एक गेट भी 50 सेंटीमीटर तक खोल दिया गया है। हालांकि, शुक्रवार रात को मंदिर में आए पानी को छह मोटर लगाकर निकाल लिया गया। शनिवार को 80 हजार से अधिक भक्तों ने दोपहर तक सहजता से दर्शन कर लिए।
मानसून पूरे प्रदेश पर मेहरबान है। उज्जैन में रातभर रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। इसका असर यह हुआ कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते पर घुटने से थोड़ा नीचे तक पानी जमा हो गया। तेज बारिश से कार्तिक और गणेश मंडपम तक बारिश का पानी पहुंच गया। शयन आरती के बाद नियमित व अन्य दर्शनार्थियों के मंदिर से बाहर आने के बाद नंदी हॉल तक पहुंचे पानी को बाहर निकालना पड़ा। उज्जैन में हो रही तेज बारिश के कारण कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने भी शनिवार को जिले के सभी स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी है। इंदौर का यशवंत सागर डैम ओवरफ्लो होने से गेट खोले गए हैं, जिससे गंभीर डैम मे लगातार पानी आ रहा है। गंभीर डैम से अधिकारी सुरेश लाड़ ने बताया कि डैम में पानी का लेवल मेंटेन रखने के लिए डैम के गेट नंबर तीन को 50 सेंटीमीटर खोला गया है।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि पिछले कई दिनों से उज्जैन में लगातार तेज बारिश हो रही है। शुक्रवार रात 10 बजे के आसपास काफी तेज बारिश हुई थी। इससे बारिश का पानी मंदिर परिसर और नंदी हॉल में घुसा है। ऐसी घटना प्रायः हर साल होती है। इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। टीम ने तत्काल पानी बाहर निकाला। शिप्रा का भी जलस्तर बढ़ा है। गंभीर डैम के गेट खोलने पड़े। शासन पूरी तरह से सतर्क है। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कहीं कोई असुविधा नहीं है। किसी के जान-माल की हानि की सूचना अब तक नहीं मिली है। आज बारिश की संभावना ज्यादा थी। रात में तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से शासकीय व अशासकीय स्कूलों की छुट्टी रखी गई।
हजारों भक्तों ने किए भस्मारती के दौरान दर्शन
बारिश के बाद भी श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। भस्मारती से ही दर्शनार्थी श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन कर रहे है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में 21 जुलाई रात में बारिश के कारण कुछ स्थानों पर पानी से समस्या हुई थी। उसे तत्काल प्रभाव से निकाला जा चुका है। शनिवार सुबह तीन बजे भस्मारती से ही श्रद्धालुओं ने लगातार दर्शन किए। सुबह 11 बजे तक लगभग 60 हज़ार दर्शनार्थियों ने श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए।
