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Ujjain: पहली बारिश में ही नगर निगम के दावे फेल, चामुंडा माता मंदिर के गर्भगृह में घुसा बरसात का गंदा पानी

Fri, 28 Jun 2024 05:08 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 28 Jun 2024 05:08 PM IST
सार

चामुंडा माता चौराहे पर चारो ओर पानी ही पानी था और सड़क का यह गंदा पानी मंदिर के गर्भगृह तक भी पहुंच गया था। गनीमत रही कि रात के समय अत्यधिक बारिश को देखकर मंदिर के पुजारी और अन्य भक्तजन मंदिर में ही थे।

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Ujjain Municipal corporation claims failed in first rain dirty rainwater entered Chamunda Mata temple
मंदिर में घुसा पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन शहर में भी अब मानसून सक्रिय हो चुका है। गुरुवार दोपहर से शुरू हुई झमाझम बारिश का दौर देर रात तक तो जारी रहा ही। लेकिन मानसून की इस पहली बारिश ने ही नगर निगम के दावों को टॉय-टॉय फिस्स कर दिया। क्योंकि नगर निगम शहर के जिन नालों की सफाई का पिछले एक महीने से ढिंढोरा पीट रही थी। बारिश में शहर के एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक ऐसे इलाके थे, जहां सड़कें तालाब में तब्दील हो गई थी।

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चामुंडा माता चौराहे की बात की जाए तो यहां चारों ओर पानी ही पानी था और सड़क का यह गंदा पानी मंदिर के गर्भगृह तक भी पहुंच गया था। वह तो गनीमत रही की रात के समय अत्यधिक बारिश को देखकर मंदिर के पुजारी और अन्य भक्तजन मंदिर में ही थे, जिन्होंने गर्भगृह में पानी घुसते ही तत्काल इसे बाल्टी के माध्यम से बाहर निकाला, वरना यह गंदा पानी माता की प्रतिमा तक पहुंच जाता। 
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चामुंडा माता मंदिर के पुजारी पंडित सुनील गुरु ने बताया कि गुरुवार देर रात को हुई तेज बारिश के कारण मंदिर के सामने की सड़क पर तो पानी-पानी फैला हुआ था। लेकिन जब इस पानी की निकासी नहीं हुई तो यह मंदिर के सभा मंडप में इकट्ठा होने लगा। रात को स्थिति कुछ ऐसी बनी की सड़क का गंदा पानी भी मंदिर के अंदर आने लगा और कुछ गंदा पानी गर्भगृह के अंदर भी घुस गया। मंदिर के पीछे की एक दीवार तोड़ी गई और बाल्टियों के माध्यम से इस पानी को निकाला गया, जिससे गर्भगृह मे घुस रहे पानी को अंदर जाने से रोका गया। मंदिर के पीछे हॉस्पिटल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण यहां से निकल रहा नाला पूरी तरह चोक था, जिसकी इस बार सफाई नहीं हो पाई थी, जिससे यह पानी मंदिर में जा घुसा।
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पहली बारिश में ही व्यवस्थाओं की खुली पोल
नगर निगम बारिश में जल जमाव की स्थिति न हो। इसके लिए एक महीने पूर्व ही शहर की नालियों और नालों की जेसीबी व अन्य साधनों से सफाई करवाई गई थी। लेकिन गुरुवार की देर रात हुई पहली बारिश ने ही इनके दावों की पोल खोल दी। स्थिति यह थी की एटलस चौराहा से केडी गेट तक चारो ओर पानी-पानी फैला हुआ था। तोपखाना के साथ ही निचली बस्तियों में शांति नगर, एकता नगर, सुदर्शन नगर, शिव धाम में भी पानी की निकासी ठीक से न होने के कारण जल जमाव की स्थिति बनी हुई थी। 


जो बताया ऐसा नहीं हुआ
याद रहे की तीन दोनों पहले ही नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने जानकारी दी थी कि आपदा प्रबंधन को लेकर हमने ग्रांड होटल पर एक कंट्रोल रूम बनाया है। जहां पर आने वाली सभी शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। इस स्थान पर हमेशा निगम के कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, जो की शिकायतों का निराकरण करने पहुंच जाएंगे। लेकिन कल हुई बारिश के दौरान कंट्रोल रूम पर शहरवासी फोन घनघनाते रहे। लेकिन किसी ने शिकायत का निराकरण करना तो दूर फोन उठाकर शिकायत तक नहीं सुनी।

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