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Ujjain: चैत्र मास में गणेश आराधना का बड़ा महत्व, उज्जैन के चिंतामण गणेश की जत्राओं में पहुंचेंगे हजारों भक्त

Fri, 10 Mar 2023 09:24 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 10 Mar 2023 09:24 AM IST
सार

बुधवार से उज्जैन में भगवान श्री चिंतामण गणेश की चैत्र मास की जत्राओं का क्रम शुरू हो गया है। पांच जत्राएं होंगी। दूसरी जत्रा 15 मार्च को, तीसरी जत्रा 22 मार्च को, चौथी जत्रा 29 मार्च को, शाही जत्रा 5 अप्रैल को आयोजित होगी।

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Ujjain: Jatra will be held every Wednesday in Chintaman Ganesh of Ujjain, thousands of devotees will reach
देशभर के श्रद्धालु भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में शिव के साथ भगवान श्री गणेश की भी आराधना का विशेष महत्व है। उज्जैन से 10 किलोमीटर दूर स्थित भगवान चिंतामण गणेश के चैत्र मास में दर्शन का स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में विशेष उल्लेख किया गया है। चिंतामण गणेश मंदिर के पुजारी गणेश गुरु बताते हैं कि चैत्र मास के प्रति बुधवार यहां पर जत्रा का आयोजन किया जाता है। देशभर के श्रद्धालु भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। 
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गणेश गुरु बताते हैं कि मंदिर में भगवान श्री गणेश की तीन प्रतिमाएं स्थापित हैं। भगवान चिंतामण गणेश के साथ-साथ यहां पर सिद्धिविनायक और इच्छामन गणेश का आशीर्वाद भी मिलता है। कहा जाता है कि भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान चिंतामण गणेश की स्थापना की थी। इसके अलावा इच्छामन और सिद्धिविनायक गणेश की स्थापना लक्ष्मण और सीता ने की थी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता दूर होने के साथ-साथ उनकी इच्छा पूरी होती है तथा उन्हें कार्य में सिद्धि का आशीर्वाद भी यहां मिलता है। 
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Ujjain: Jatra will be held every Wednesday in Chintaman Ganesh of Ujjain, thousands of devotees will reach
उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर में चैत्र मास में जत्रा का आयोजन होता है। - फोटो : सोशल मीडिया
अनाज भी किया जाता है अर्पित
चैत्र मास में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है। किसान अपनी उपज बाजार में बेचने से पहले उसका पहला भाग भगवान चिंतामण को अर्पित करते हैं। इसे धड़ा कहा जाता है। आज भी बड़ी संख्या में किसान यहां अपने गेहूं और चने की उपज का पहला हिस्सा भगवान को चढ़ाने पहुंचते हैं।

शाही जत्रा 5 अप्रैल को
चैत्र मास के पहले बुधवार से भगवान श्री चिंतामण गणेश की चैत्र मास की जत्राओं का क्रम शुरू हो गया है। बुधवार तड़के 4 बजे से ही चिंतामण गणेश मंदिर के पट खुल गए थे और गणेशजी का मनोहारी श्रृंगार किया गया। मंदिर के पुजारी ईश्वर गुरु ने बताया कि चैत्र मास में इस बार भगवान चिंतामण की पांच जत्राएं होंगी। दूसरी जत्रा 15 मार्च को, तीसरी जत्रा 22 मार्च को, चौथी जत्रा 29 मार्च को शाही जत्रा 5 अप्रैल को आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि चैत्र मास की जत्रा का विशेष महत्व रहता है। 
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