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Mahakal Mandir Ujjain: विजयादशमी पर निकलेगी महाकाल की सवारी, शाही ठाठ-बाट में नए शहर का भ्रमण करेंगे बाबा
Fri, 23 Sep 2022 11:12 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 23 Sep 2022 11:12 AM IST
सार
विजयादशमी पर अवंतिकानाथ शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान आएंगे। विजयादशमी के मौके पर 5 अक्टूबर को बाबा महाकाल की शाही सवारी निकलेगी।
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विजयादशमी पर निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विजयादशमी के मौके पर 5 अक्टूबर को बाबा महाकाल की शाही सवारी निकलेगी। हर साल बाबा महाकाल की शाही सवारी दशहरे के दिन धूमधाम से निकाली जाती है। विजयादशमी पर अवंतिकानाथ शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान आएंगे। साल में एक बार दशहरे के दिन भगवान महाकाल की सवारी नए शहर में आती है।
दशहरा पर्व पर माता जया विजया व अपराजिता के साथ शमी वृक्ष का पूजन करने की मान्यता है। आजादी से पहले राजा महाराजा अपने-अपने राज्यों में इस परंपरा का निर्वहन किया करते थे। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं। इसलिए हर साल विजयादशमी पर वह शमी वृक्ष का पूजन करने नए शहर दशहरा मैदान आते हैं। इस बार पांच अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
महाकाल मंदिर से शाम चार बजे भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। राजाधिराज शाही ठाठ-बाट के साथ चांदी की पालकी में सवार होकर फ्रीगंज स्थित दशहरा मैदान आएंगे। यहां कलेक्टर आशीष सिंह भगवान महाकाल की पूजा करेंगे। पुजारियों द्वारा भगवान की ओर से शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा।
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27 सितंबर को उमा माता की सवारी निकलेगी
उमा सांझी महोत्सव के समापन पर 27 सितंबर को उमा माता की सवारी निकलेगी। माता पार्वती चांदी की पालकी में सवार होकर मोक्षदायिनी शिप्रा के तट सांझी विसर्जित करने जाएंगी। सवारी में भगवान महाकाल मनमहेश रूप में नंदी पर सवार होकर निकलेंगे। ज्योतिर्लिंग की परंपरा में अश्विन शुक्ल द्वितीया पर साल में केवल एक बार उमा माता की सवारी निकलती है।
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दशहरा पर्व पर माता जया विजया व अपराजिता के साथ शमी वृक्ष का पूजन करने की मान्यता है। आजादी से पहले राजा महाराजा अपने-अपने राज्यों में इस परंपरा का निर्वहन किया करते थे। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं। इसलिए हर साल विजयादशमी पर वह शमी वृक्ष का पूजन करने नए शहर दशहरा मैदान आते हैं। इस बार पांच अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
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महाकाल मंदिर से शाम चार बजे भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। राजाधिराज शाही ठाठ-बाट के साथ चांदी की पालकी में सवार होकर फ्रीगंज स्थित दशहरा मैदान आएंगे। यहां कलेक्टर आशीष सिंह भगवान महाकाल की पूजा करेंगे। पुजारियों द्वारा भगवान की ओर से शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा।
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27 सितंबर को उमा माता की सवारी निकलेगी
उमा सांझी महोत्सव के समापन पर 27 सितंबर को उमा माता की सवारी निकलेगी। माता पार्वती चांदी की पालकी में सवार होकर मोक्षदायिनी शिप्रा के तट सांझी विसर्जित करने जाएंगी। सवारी में भगवान महाकाल मनमहेश रूप में नंदी पर सवार होकर निकलेंगे। ज्योतिर्लिंग की परंपरा में अश्विन शुक्ल द्वितीया पर साल में केवल एक बार उमा माता की सवारी निकलती है।
