{"_id":"695487c03ca84f8440066f25","slug":"last-bhasma-aarti-of-the-year-baba-mahakal-decorated-rudraksha-lotus-seed-garlands-then-ashes-ujjain-news-c-1-1-noi1228-3791839-2025-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain Mahakal: कमल और मखाने की माला से सजे महाकाल, साल की अंतिम भस्म आरती में भक्तों ने किए बाबा के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain Mahakal: कमल और मखाने की माला से सजे महाकाल, साल की अंतिम भस्म आरती में भक्तों ने किए बाबा के दर्शन
Wed, 31 Dec 2025 08:18 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Wed, 31 Dec 2025 08:18 AM IST
सार
पौष मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी पर बुधवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु उमड़े। बाबा महाकाल ने भस्म रमाकर रुद्राक्ष, कमल और मखाने की माला से सजे अलौकिक स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए।
विज्ञापन
बाबा महाकाल का शृंगार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पौष मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर आज बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने ईष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए सुबह 4 बजे जागे। जिनका भस्म रमाकर आकर्षक शृंगार किया गया। द्वादशी पर आज बाबा महाकाल रुद्राक्ष, कमल और मखाने की माला से सजे बाबा महाकाल फिर भस्म रमाकर अलौकिक शृंगार में दर्शन दिए। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पौष माह शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर आज बुधवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन अर्चन किया। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
ये भी पढ़ें- नववर्ष में VIP प्रोटोकॉल बंद, अब बाबा के दरबार में सब एक समान, कतार में लगकर करेंगे दर्शन
विज्ञापन
पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का आकर्षक स्वरूप मे शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गयी। आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि आज शृंगार के दौरान बाबा महाकाल का रुद्राक्ष, कमल और मखाने की माला से शृंगार कर भस्म रमाई गई। बाबा महाकाल के इन दिव्य दर्शनो का लाभ हजारो भक्तों ने लिया और जय श्री महाकाल का जयघोष भी किया। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
आरती का समय
प्रथम भस्म आरती
समय - प्रातः 4 से 6 बजे तक
द्वितीय दद्योतक आरती
प्रातः 7:30 से 8:15 बजे तक
तृतीय भोग आरती
प्रातः 10:30 से 11:15 बजे तक
चतुर्थ संध्याकालीन पूजन
सांय 5:00 से 5:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती
सांय 6:30 से 7:15 बजे तक
शयन आरती
रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
(आरती का यह क्रम फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तक रहेगा।)
श्री महाकालेश्वर मंदिर संबंधी जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008 है। श्री महाकालेश्वर मंदिर से संबंधित महाकाल दर्शन आरती पूजन दान सहित सभी जानकारी 24×7 निम्न नंबरों 0734-2559272, 2559277, 2559276, 2559275 पर प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पौष माह शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर आज बुधवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन अर्चन किया। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नववर्ष में VIP प्रोटोकॉल बंद, अब बाबा के दरबार में सब एक समान, कतार में लगकर करेंगे दर्शन
विज्ञापन
पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का आकर्षक स्वरूप मे शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गयी। आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि आज शृंगार के दौरान बाबा महाकाल का रुद्राक्ष, कमल और मखाने की माला से शृंगार कर भस्म रमाई गई। बाबा महाकाल के इन दिव्य दर्शनो का लाभ हजारो भक्तों ने लिया और जय श्री महाकाल का जयघोष भी किया। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
आरती का समय
प्रथम भस्म आरती
समय - प्रातः 4 से 6 बजे तक
द्वितीय दद्योतक आरती
प्रातः 7:30 से 8:15 बजे तक
तृतीय भोग आरती
प्रातः 10:30 से 11:15 बजे तक
चतुर्थ संध्याकालीन पूजन
सांय 5:00 से 5:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती
सांय 6:30 से 7:15 बजे तक
शयन आरती
रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
(आरती का यह क्रम फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तक रहेगा।)
श्री महाकालेश्वर मंदिर संबंधी जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008 है। श्री महाकालेश्वर मंदिर से संबंधित महाकाल दर्शन आरती पूजन दान सहित सभी जानकारी 24×7 निम्न नंबरों 0734-2559272, 2559277, 2559276, 2559275 पर प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
