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Ujjain News: पहले नृत्य के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया, फिर दी सत्रिया नृत्य की प्रस्तुति

Tue, 26 Nov 2024 10:39 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 26 Nov 2024 10:39 PM IST
सार

64 मतियाखारा में से छात्रों ने पुरुष ओरा, प्रकृति ओरा, गेरुवा सुवा, पोसोला तुला, पानी ओरत बोहा उथा, ओरत जाप, अथु लोन और थियो लोन सीखा। तत्पश्चात महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के एक शरण हरि नाम धर्म के बारे में भी संक्षेप में बताया।

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Ujjain News First explained about various aspects of dance then presented Sattriya dance
सत्रिया नृत्य की प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन में स्पिक मैके एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में असम के शास्त्रीय सत्रिया नृत्य पर कार्यशाला प्रदर्शनों की एक श्रृंखला का आयोजन किया गया। जो कि आठ भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों में से एक है। सबसे पहले शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम ढेढिया एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास दशहरा मैदान में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति महापुरुष माधवदेव की चाली नृत्य से शुरू की। उन्होंने छात्राओं को सत्रिया नृत्य के विभिन्न पहलुओं को सिखाया और मतियाखारा से परिचित कराया, जो सत्रिय नृत्य शैली का मूल आधार है।

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64 मतियाखारा में से, छात्रों ने पुरुष ओरा, प्रकृति ओरा, गेरुवा सुवा, पोसोला तुला, पानी ओरत बोहा उथा, ओरत जाप, अथु लोन और थियो लोन सीखा। तत्पश्चात महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के एक शरण हरि नाम धर्म के बारे में भी संक्षेप में बताया। छात्रों को सत्रिया में पुरुष और प्रकृति शैली के नृत्यों की प्रस्तुति में इस्तेमाल की जाने वाली विभिन्न स्थितियों, पैरों के काम, चाल, पहनी जाने वाली पोशाक और आभूषणों के बारे में भी बताया।
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कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति का समाहार अभिनय आधारित राम कथा प्रस्तुत कर अपनी अभिनय दक्षता का परिचय दिया। स्पीक मेके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बताया कि सुश्री उषा रानी एवं जादब बोरा ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम बांसखेड़ी एवं शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम दूदरसी में भी अपनी प्रस्तुतियां दी। साथ ही वार्षिक श्रृंखला 2024 के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के क्रम में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कृत गुरु कोट्टक्कल नंदकुमार नायर और समूह ने अवंतिका यूनिवर्सिटी ग्राम लेकोडा में दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध कथकली नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

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पहले नृत्य के विभिन्न पहलुओ के बारे मे बताया फिर दी सत्रिया नृत्य की प्रस्तुति....

सत्रिया नृत्य की प्रस्तुति

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