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उज्जैन: किस शास्त्र में लिखा है रावण दहन? शुरू हुई सीधी कानूनी लड़ाई, 4 दशहरा समितियों को थमाया लीगल नोटिस

Wed, 14 Oct 2026 01:37 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 14 Oct 2026 01:37 PM IST
सार

रावण दहन को लेकर अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने चार दशहरा समितियों को कानूनी नोटिस भेजकर पूछा है कि रावण दहन का शास्त्रीय आधार क्या है। सात दिन में जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट में मामला दायर करने की चेतावनी दी गई है।

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Ujjain: Legal Notice to Four Dussehra Committees Over Ravana Dahan, Seven Days to Explain Ritual
रावण दहन को लेकर लीगल नोटिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दशहरा पर हर साल जलने वाले रावण को लेकर इस बार उज्जैन में नया बवाल खड़ा हो गया है। रावण दहन के खिलाफ अब सीधी कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज की ओर से अधिवक्ता ने शहर की चार बड़ी दशहरा समितियों को लीगल नोटिस थमा दिया है। नोटिस में सीधा सवाल पूछा गया है कि किस शास्त्र, किस वेद-पुराण में लिखा है कि दशहरे पर रावण का दहन करना चाहिए? नोटिस में 7 दिन के अंदर शास्त्रों के आधार पर जवाब नहीं दिया तो कोर्ट में केस दायर करने की चेतावनी भी दी गई है।
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यह नोटिस दिए जाने के पीछे ब्राह्मण समाज का तर्क है कि रावण महाज्ञानी, वेदों का ज्ञाता और शिव भक्त था। हर साल उसका दहन कर समाज में गलत संदेश जा रहा है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, रावण को जलाना शास्त्र सम्मत नहीं। अभा युवा ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी की ओर से अभिभाषक अश्विन चौधरी ने ये नोटिस जारी किए हैं। 
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नोटिस में शास्त्रों और श्री रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि रावण दहन के माध्यम से भ्रामक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है और इससे रावण की छवि और चरित्र को कलंकित किया जा रहा है। इससे ब्राह्मण समाज की छवि भी खराब हो रही है और सनातन धर्म के प्रति जनता में अविश्वास बढ़ रहा है।  नोटिस में अभिभाषक चौधरी ने पूछा है कि आयोजन समिति पक्षकार को अवगत कराए कि कौनसे शास्त्र और कौनसे पुराण के अनुसार आश्विन शुक्ल दशमी को रावण का वध हुआ था। यदि सात दिन के अंदर मेरे पक्षकार को इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो वैधानिक कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ेगा। नोटिस में पद्मपुराण, वाल्मीकि रामायण और स्कंद पुराण के आधार पर कहा गया है कि रावण का वध चैत्र की शुक्ल चतुर्दशी को हुआ था।
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पूछे ये सवाल
पुराणों और शास्त्रों के अनुसार रावण का वध चैत्र कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को हुआ था तो आश्विन शुक्ल दशमी को रावण दहन किस आधार पर किया जा रहा?
भगवान श्री राम के बाण से रावण को मोक्ष प्राप्त हुआ था तो प्रतिवर्ष रावण दहन किस आधार पर किया जा रहा है? रावण का दहन असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक स्वरूप किया जाता है तो गलत तिथि पर दहन करके क्या असत्य का प्रचार नहीं किया जा रहा है।

इन संस्थाओं को थमाया नोटिस
लाला ओम अमरनाथ खत्री दशहरा उत्सव समिति, संयोजक शिवा खत्री पिता स्व. ओम खत्री निवासी राजस्य कॉलोनी, उज्जैन, कार्तिक मेला दशहरा उत्सव समिति संयोजक चेतन यादव पिता प्रेमनारायण यादव निवासी होटल अजय देवासगेट, उज्जैन, सिद्धवट दशहरा उत्सव समिति संयोजक राघवेंद्र चतुर्वेदी पिता सुरेन्द्र चतुर्वेदी निवासी 10, माणक चौक,भैरवगढ़, उज्जैन और शास्त्रीनगर दशहरा उत्सव समिति संयोजक विजयसिंह दरबार पिता सौभाग्यसिंह दरबार, निवासी शास्त्री नगर उज्जैन को ये नोटिस भेजा गया है।

 

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