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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain Mahakal Mandir: A mobile system will be implemented for Bhasmarti, even those without permission will be able to visit

Ujjain Mahakal mandir: भस्मारती के लिए लागू की जाएगी चलायमान व्यवस्था, बिना अनुमति वाले भी कर सकेंगे दर्शन

Thu, 09 Jun 2022 07:25 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 09 Jun 2022 07:25 PM IST
सार

महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती को लेकर नई व्यवस्था लागू की जा रही है। ऐसे भक्त जिनको भस्मारती की अनुमति नहीं  मिल पाती थी उनको फायदा होगा। चलायमान व्यवस्था के तहत वे भस्मारती के दर्शन कर सकेंगे। सोमवार से सात दिन के लिए इसे लागू कर देखा जाएगा। 

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Ujjain Mahakal Mandir: A mobile system will be implemented for Bhasmarti, even those without permission will be able to visit
भगवान महाकालेश्वर की भस्मारती - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर की भस्मारती के दर्शन करने वाले भक्तों के लिए सुखद खबर है। यहां भस्मारती के लिए चलायमान व्यवस्था लागू की जा रही है। जिन भक्तों को भस्मारती दर्शन की अनुमति नहीं मिल पाती थी वे इस सुविधा से महाकाल की भस्मारती कर सकेंगे। 
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दरअसल, गुरुवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक हुई। मंदिर समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि अनुमति नहीं मिलने से कई भक्त भस्म आरती के दर्शनों से वंचित रह जाते हैं। नई व्यवस्था से ऐसा नहीं होगा। बिना अनुमति वाले श्रद्धालुओं के लिए समिति द्वारा बैरिकेडिंग की 3 लाइन से चलायमान व्यवस्था लागू की जाएगी। पहले की ऑनलाइन और ऑफलाइन अनुमति की व्यवस्था भी लागू रहेगी। अंतर सिर्फ इतना है कि अनुमति लेने वाले परिसर में बैठ सकेंगे। भस्म आरती के दौरान दर्शन कराते हुए उन्हें बाहर निकाला जाएगा। ऐसे श्रद्धालुओं को अनुमति लेने अथवा शुल्क देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। इसके अलावा पहले से अनुमति लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठक व्यवस्था रहेगी। प्रारंभिक तौर पर इसी सोमवार से सात दिन का ट्रायल किया जा रहा है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो तो आगे स्थायी रूप से चलायमान दर्शन व्यवस्था जारी रखेंगे। 
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वर्तमान में भस्म आरती के दर्शनों के लिए एक दिन पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन परमिशन लेनी पड़ती है। इसमें 200 रुपये की रसीद कटती है। कोविड के कारण 1500 लोगों को इंट्री दी जा रही है। दर्शन करने के लिए दो हजार लोग आते हैं, जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों को अनुमति नहीं मिल पाती। वे बाहर ही खड़े रहते हैं। बता दें कि इससे पहले सिंहस्थ 2016 में भक्तों की भीड़ को देखते हुए चलायमान व्यवस्था बनाई गई थी। मंदिर में बाहर से आने वाले श्रद्धालु को भस्म आरती कराने के नाम पर कई लोगों द्वारा रुपये लेकर ठगी की जाती है। दर्शन की कामना से आने वाले श्रद्धालु पैसे देकर भी अनुमति लेते हैं। मंदिर समिति की चलायमान भस्म आरती दर्शन व्यवस्था शुरू होती है, तो दर्शनार्थी नि:शुल्क दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं को अनुमति दिलाने के नाम पर ठगने वाली घटनाओं में भी रोक लगेगी।
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