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शिप्रा के शुद्धिकरण की मांग को लेकर कांग्रेस की नूरी खान ने किया जल सत्याग्रह; पैर फिसला और डूबने लगी तो समर्थकों ने बचाया...
Thu, 20 Jan 2022 01:05 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 01:05 PM IST
सार
शिप्रा शुद्धिकरण के लिए कांग्रेस नेत्री नूरी खान ने भी मोर्चा खोल दिया है। नूरी ने शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह शुरू किया है। शिप्रा नदी में चार फीट गहरे पानी में खड़े होकर नूरी ने जल सत्याग्रह किया। इस दौरान वे गहरे पानी में उतरने से बेहोश हो गई।
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शिप्रा नदी में खड़े होकर नूरी खान ने शुरू किया जल सत्याग्रह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शिप्रा शुद्धिकरण के लिए संतों के आंदोलन के बाद अब कांग्रेस नेत्री नूरी खान ने भी मोर्चा खोल दिया है। नूरी ने शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह शुरू किया है। गुरुवार को उनके आंदोलन की शुरुआत हुई। शिप्रा नदी में चार फीट गहरे पानी में खड़े होकर नूरी ने जल सत्याग्रह किया। इस दौरान गहरे पानी में पैर फिसल गया और डूबते डूबते बचीं। वे बेहोश हो गईं। समर्थकों ने बचाया और अस्पताल ले गए।
दरअसल शिप्रा नदी की शुद्धिकरण की मांग को लेकर संत समाज बीते कई समय से आंदोलन कर रहा है। कुछ दिन पहले संतों ने धरना प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन को आड़े हाथ लिया था। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था, लेकिन हालात सुधरते नहीं देख संत समाज ने फिर से चेतावनी दी है। इधर संतों की इस मांग को अब कांग्रेस नेत्री व प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान का भी समर्थन मिल गया है। खान ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। गुरुवार को वे चार फीट गहरे पानी में उतरी और जल सत्याग्रह की शुरुआत की। नूरी ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि मेरी मृत्यु हो जाती है तो इसकी जवाबदारी उज्जैन प्रशासन और मध्यप्रदेश सरकार की होगी।
जनता के साथ विश्वासघात कर रही सरकार
जल सत्याग्रह को लेकर नूरी खान ने कहा कि पिछले 20 सालों में शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 2004 में नदी संरक्षण के नाम पर 6 करोड़ खर्च किए गए। 2016 सिंहस्थ में खान नदी के डायवर्शन में 99 करोड़ खर्च किए गए। शिप्रा को प्रवाहमान बनाने के लिए नर्मदा शिप्रा लिंक परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी शिप्रा शुद्ध नहीं हो पाई है। साधु संत की गुहार भी यह सरकार नहीं सुन रही। मैंने पूर्व में जो आंदोलन किए थे वे इसी आश्वासन पर खत्म किए थे कि शिप्रा का उद्धार होगा। यह सरकार खुद को हिंदूवादी कहती है लेकिन शिप्रा में डुबकी लगाने वाली जनता के साथ अन्याय और विश्वासघात कर रही है। शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर 600 करोड़ का जो भ्रष्टाचार हुआ है उसमें कौन सम्मिलित है ये बताया जाए। अगर खान डायवर्शन में करोड़ों खर्च किए तो फिर गंदा पानी शिप्रा में क्यों मिल रहा है।
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बेहोश हुई नूरी खान
शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह कर रहीं कांग्रेस नेत्री नूरी खान बेहोश हो गई। नदी में उतरने के दौरान अचानक उनका पैर फिसला और वे गहरे पानी में जाने लगी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने बचाया। उनको हाथ में उठाकर नदी से बाहर लाए और अस्पताल ले जाया गया।
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दरअसल शिप्रा नदी की शुद्धिकरण की मांग को लेकर संत समाज बीते कई समय से आंदोलन कर रहा है। कुछ दिन पहले संतों ने धरना प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन को आड़े हाथ लिया था। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था, लेकिन हालात सुधरते नहीं देख संत समाज ने फिर से चेतावनी दी है। इधर संतों की इस मांग को अब कांग्रेस नेत्री व प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान का भी समर्थन मिल गया है। खान ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। गुरुवार को वे चार फीट गहरे पानी में उतरी और जल सत्याग्रह की शुरुआत की। नूरी ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि मेरी मृत्यु हो जाती है तो इसकी जवाबदारी उज्जैन प्रशासन और मध्यप्रदेश सरकार की होगी।
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जनता के साथ विश्वासघात कर रही सरकार
जल सत्याग्रह को लेकर नूरी खान ने कहा कि पिछले 20 सालों में शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 2004 में नदी संरक्षण के नाम पर 6 करोड़ खर्च किए गए। 2016 सिंहस्थ में खान नदी के डायवर्शन में 99 करोड़ खर्च किए गए। शिप्रा को प्रवाहमान बनाने के लिए नर्मदा शिप्रा लिंक परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी शिप्रा शुद्ध नहीं हो पाई है। साधु संत की गुहार भी यह सरकार नहीं सुन रही। मैंने पूर्व में जो आंदोलन किए थे वे इसी आश्वासन पर खत्म किए थे कि शिप्रा का उद्धार होगा। यह सरकार खुद को हिंदूवादी कहती है लेकिन शिप्रा में डुबकी लगाने वाली जनता के साथ अन्याय और विश्वासघात कर रही है। शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर 600 करोड़ का जो भ्रष्टाचार हुआ है उसमें कौन सम्मिलित है ये बताया जाए। अगर खान डायवर्शन में करोड़ों खर्च किए तो फिर गंदा पानी शिप्रा में क्यों मिल रहा है।
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बेहोश हुई नूरी खान
शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह कर रहीं कांग्रेस नेत्री नूरी खान बेहोश हो गई। नदी में उतरने के दौरान अचानक उनका पैर फिसला और वे गहरे पानी में जाने लगी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने बचाया। उनको हाथ में उठाकर नदी से बाहर लाए और अस्पताल ले जाया गया।
बेहोश होने पर नूरी खान को अस्पताल ले जाते समर्थक
- फोटो : सोशल मीडिया
शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह के दौरान नूरी खान का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं। डूबते डूबते बचीं। वहां मौजूद समर्थकों ने उनको बचाया। बेहोश होने पर नूरी खान को अस्पताल में भर्ती करवाया।
