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अच्छी खबर: कृषि विकास में टीकमगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को मिला पुरस्कार

Mon, 12 Oct 2026 04:31 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 12 Oct 2026 04:31 PM IST
सार

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि एवं ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान मिला। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सम्मानित हुए। जिले ने गेहूं उत्पादन, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन और सहकारिता डिजिटलीकरण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

 

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Tikamgarh Collector receives national honor for outstanding performance in agricultural development.
सम्मान लेते टीकमगढ़ कलेक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में योजना का एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को जिले की उपलब्धियों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश के पांच जिलों टीकमगढ़, उमरिया, सीधी, शहडोल और डिंडौरी का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन किया गया।

यह सम्मान कृषि उत्पादन में वृद्धि, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मत्स्य पालन, सहकारिता के डिजिटलीकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर मिला है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की नियमित समीक्षा में टीकमगढ़ जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

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गेहूं उत्पादन और रकबे में वृद्धि
जिले में गेहूं उत्पादन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में 6.12 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 6.92 लाख मीट्रिक टन हो गया। इस दौरान गेहूं का रकबा भी 2.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.22 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया। खरीफ फसलों की बोवनी 2,30,810 हेक्टेयर में हुई, जबकि उड़द के रकबे में 16.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

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जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में 134 नए जल संग्रहण ढांचों का निर्माण निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा किया गया। वाटरशेड घटक के तहत 7,392 हेक्टेयर क्षेत्र में संरक्षण संबंधी कार्य किए गए। प्राकृतिक खेती से 5,225 किसान 2,090 हेक्टेयर क्षेत्र में जुड़े हैं, जबकि 1,983 किसान जैविक खेती कर रहे हैं।

मत्स्य पालन और सहकारिता में भी उपलब्धि
मत्स्य पालन के क्षेत्र में 461 इकाइयों के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 529 इकाइयां दर्ज की गईं। जिले की सभी 64 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। वहीं, महिला किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से 1,200 से अधिक महिलाओं को जोड़कर उनकी आजीविका और स्वावलंबन को बढ़ावा दिया गया है। कृषि उत्पादन, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में दर्ज इन उपलब्धियों से टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

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