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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The Kashmir Files: Producer Vivek Agnihotri said I will never be a part of vote bank politics, also spoke on Kejriwal

'द कश्मीर फाइल्स': विवेक अग्निहोत्री ने होमो सेक्सुअल वाले बयान पर दी सफाई, जानिए केजरीवाल के बारे में क्या कहा

Sat, 26 Mar 2022 01:24 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 26 Mar 2022 01:24 PM IST
सार

फिल्म द कश्मीर फाइल्स के निर्माता विवेक अग्निहोत्री चतुर्थ चित्र भारती फिल्मोउत्सव के उद्घाटन समारोह में भाग लेने भोपाल आए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने और फिल्म को लेकर सवालों के जवाब दिए। विवेक ने कहा कि वे कभी वोट बैंक की पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने अपने भोपाली को लेकर दिए बयान पर भी रुख साफ किया है। 

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The Kashmir Files: Producer Vivek Agnihotri said I will never be a part of vote bank politics, also spoke on Kejriwal
विवेक रंजन अग्निहोत्री - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भोपाल में आयोजित चतुर्थ चित्र भारती फिल्मोत्सव के उद्घाटन समारोह में भाग लेने द कश्मीर फाइल्स के निर्माता विवेक अग्निहोत्री भी पहुंचे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने और फिल्म को लेकर सवालों के जवाब दिए। विवेक ने कहा कि वे कभी वोट बैंक की पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं बनेंगे। 
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विवेक- कई लोग चाहते है कि ईश्वर को धरती पर आ जाना चाहिए। देखिए एक होते हैं मूर्ख, दूसरे महामूर्ख और तीसरे घाघ। इन तीनों लोगों से बचकर रहना चाहिए। इनका जवाब नहीं देना चाहिए।
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विवेक- आपके सवाल में नरेटिव पहले है। फैक्ट ही नहीं है। मैं जब 4 से 5 साल की उम्र में भोपाल आया था, उस शब्द का वही मतलब था। मैं तो ट्विटर पर भोपाल के बारे में बात करता हूं। भोपाल के पोहे को लेकर इंदौर वालों से लड़ता हूं। वह आप लोग नहीं देखना चाहते, लेकिन टेढ़ा-मेढ़ा करके किसी ने कुछ एडिट करके डाल दिया उसे उठा लिया। आज भोपाली शब्द का अर्थ है महिला का कल्याण, अच्छी सड़कें, शांति प्रिय, झीलों वाला शहर और भोपाल का मतलब है विवेक अग्निहोत्री।

आप बॉलीवुड में रिवोल्यूशन लेकर आए हैं? फिल्मों में एक नया ट्रेंड लेकर आ रहे हैं? क्या आप कभी चुनावी मैदान में उतरेंगे?
विवेक- बालीवुड के बारे में मैं कुछ नहीं जानता हूं। ना मेरे वहां दोस्त है। मैंने एक नई इमारत खड़ी की है। अब दूसरी इमारत छोटी हो गई है। दूसरी चुनाव की बात मेरी स्वतंत्रता का दुनिया में कोई मोल नहीं है। मैं किसी भी तरह की वोट बैंक पॉलिटिक्स का कभी पार्ट नहीं बनूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए। मैं पॉलिटिक्स के बाहर रहकर जो बात करता हूं, उसमें बहुत ताकत है। आज मैं जो मुझे लगता है तो वो बोलना चाहता हूं। पॉलिटिक्स में पार्टी आपको बुलवाना चाहती है। आप शायद कभी मेरे जीवन में वोट बैंक की राजनीति नहीं देखेंगे।

फिल्म में वास्तविकता को दिखाया गया है। आगे भी इस तरह की फिल्म देखने को मिलेगी?
विवेक- मैंने 2010 के बाद स्टार्स के साथ काम करना छोड़ दिया। हमने कहा कि राइटर्स और डायरेक्टर सबसे बड़े स्टार हैं। हमने तय किया है कि ऐसी फिल्म बनाएंगे, जिनको बनाने से लोग डरते हैं। यहां साफ कर दूं कि हिचकते नहीं डरते हैं।

देश में छोटी घटनाएं, जिनका बहुत बड़ा इम्पेक्ट होता है? मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसे मुद्दों पर भी फिल्म बनाएंगे। 
विवेक- मैं फिल्म बनाने में बहुत सोचता नहीं हूं। हमारी एक फिल्म 3 से 4 साल में बनती है। मैं जो अगली फिल्म बना रहा हूं, उसका काम अप्रैल 2020 में शुरू किया था। दो साल हो गए। फिल्म बनेगी, शूट होगी। उसमें समय लगेगा। 2024 में फिल्म रिलीज होगी। मैंने 2010 से 2022 तक 3 फिल्में बनाई हैं। द ताशकंद फाइल्स, बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम और द कश्मीर फाइल्स। एक फिल्म को ही तबीयत से बनाते हैं।

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विवेक- यदि मैं आपसे कहता हूं कि अपॉइंटमेंट दीजिए। तो फिर आपको ही बोलना होगा कि मिलने आइए। दूसरी बात सब राजनीति कर रहे हैं। उनको करने दीजिए। इससे क्या फर्क पड़ता है।

संवेदनशील मुद्दों की फिल्म में बॉलीवुड दो धड़ों में बटता नजर आता है? आप इस पर क्या कहेंगे?
विवेक- मैं बॉलीवुड से नहीं हूं। बॉलीवुड के स्टार आएंगे आप उनसे सवाल पूछिएगा। मेरा बॉलीवुड से कोई लेना-देना नहीं है। मैं स्वतंत्र रूप से फिल्में बनाता हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे अंदर इतना सामर्थ्य आ जाए कि कम से कम 10 से 15 अच्छे फिल्म मेकर को अपने यहां से मेंटोर कर सामने खड़ा कर सकूं। एक नए तरीके का सिनेमा बने जो भारतीय सिनेमा जानने वालों के लिए हो।

आपकी फिल्म को बीजेपी सपोर्ट कर रही है कांग्रेस विरोध कर रही है। आपका क्या कहना है?
विवेक- यह पहली फिल्म नहीं है, जो टैक्स फ्री हुई है। भारत में तो परंपरा रही है। गांधी जी ने राम राज्य फिल्म देखी और कहा कि सभी भारतीय को यह फिल्म देखनी चाहिए। कांग्रेस ने अंधों को भी ले जाकर राम राज्य फिल्म दिखाई। राजनीति की हवा उसी दिशा में चलती है, जो जनता जर्नादन के मन में होता है। आज 2 करोड़ लोगों ने फिल्म को देखी है। आप रिसर्च करें। अपने किसी दोस्त से पूछ लीजिए कि फिल्म देखने उसे क्या सरकार ने भेजा था।  
 
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विवेक- देखिए, यह उनका आशीर्वाद है। उनको लगता है कि भारत के सभी सत्य बताने का ईश्वर ने मुझे ही आशीर्वाद दिया है। यदि उनको मुझ पर विश्वास है तो उनका बहुत बहुत धन्यवाद।

कश्मीर फाइल्स फिल्म बनाने का आइडिया कैसे आया?
विवेक- मुझे लगता है कि कुछ अच्छा होना रहता है तो भगवान माध्यम बना लेता है। मैं सरस्वती का उपासक हूं। शायद इसलिए मुझे माध्यम बना लिया।

आपने मुख्यमंत्री के साथ आज पौधारोपण किया। उनको कोई सुझाव दिया।
विवेक- मैंने दो पौधों के नाम शिव और शारदा रखने का निवेदन किया है। भारत के कण-कण में शिव और शारदा हैं। यह दोनों कश्मीर के देवी-देवता हैं। एक तीसरे पौधे का नाम श्यामा रखने को कहा है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के लिए अपना बलिदान दिया है।

मध्य प्रदेश में कुछ नया करने को लेकर बात हुई?
विवेक- मैंने सीएम से कहा कि पूरे विश्व में होलो कॉस्ट म्यूजियम है। होलो कॉस्ट म्यूजियम आपको यह याद दिलाते हैं कि दोबारा किसी का शोषण न हो। मैंने सीएम से कहा कि क्या यह संभव हे कि मध्य प्रदेश में एक जेनोसाइड म्यूजियम हम बना सकें। वह इतना बड़ा मानवता का प्रतीक हो कि यदि उसमें आतंकवादी भी घुसे तो मानव बनकर निकले। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में ही जेनोसाइड म्यूजियम बनेगा। मैं गाड़ी में बैठा और उनके ऑफिस से सेक्रेटरी का मुझे फोन आ गया। उन्होंने कहा कि इसे हम कर रहे हैं यह ऑफिशियल है। म्यूजियम के लिए सरकार हमें जगह देगी। जनता के सहयोग से हम इसे खड़ा करेंगे। यह विश्व का पहला जेनोसाइड म्यूजियम होगा।

ऐसा कहा जा रहा है कि कश्मीर फाइल्स का मकसद मुस्लिमों के प्रति भावनाएं भड़काना है।
विवेक- यदि इसका मकसद मुस्लिमों के प्रति भावनाएं भड़काना होता तो संभव ही नहीं था कि लोग भर भर कर रोते। दूसरा दुनिया भर में जहां भी कश्मीरी हिंदू दिखता है उसे लोग गले लगाकर आईएम सॉरी कह रहे हैं। मानवता का इससे बड़ा उदाहरण कहां मिलेगा। जो सिनेमा के अंदर फिल्म देखने जा रहा है, वह फिल्म के दर्द और पीड़ा की कहानी को देखकर रो रहा है। और जो लोग बाहर बैठे फिल्म नहीं देख रहे हैं, वे इस बात पर रो रहे हैं कि वे लोग फिल्म देखकर रो रहे हैं। यह फिल्म क्यों चल रही है।
 
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