काले जादू के आरोप में चार ग्रामीणों को पिलाया पेशाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के सियोनी जिले में जादू टोना करने के शक में चार ग्रामीणों को जबरदस्ती पेशाब पिलाया गया। इतना ही नहीं उन्हें 2,500 रुपये का जुर्माना भी देना पड़ा। यह घटना मध्य प्रदेश के आदिवासी गांव सालेगढ़ की है। इस गांव में जादू टोना किए जाने के शक में पास के छिंदवाड़ा जिले के कुछ ग्रामीणों को बुलाया गया जो जादूगर कहा जाता है।
इन जादूगरों ने एक अनुष्ठान का आयोजन किया और उसी दौरान उन चार ग्रामीणों को यह सुनिश्चित करने के लिए पेसाब पिलाया कि आगे वे कभी जादू टोना ना कर सके। पुलिस के मुताबिक यह अनुष्ठान इसलिए किया गया क्योंकि पिछले 10 और 12 सितंबर को सांप के काटने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई थी। छपरा पुलिस स्टेशन इंचार्ज ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हो चुका है कि उन दोनों की मौत सांप के जहर से ही हुआ था।
टेस्ट के लिए भेजा पेसाब
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कमल उइके (55), उमा शंकर उइके (28),
कुंवरलाल उइके (55), हरिराम मार्सकोले (55) और राम सिंह (40) ने जादू टोना
की मदद से उन दोनों की हत्या कर दी। उनको विश्वास है कि ये पांचों काले
जादू की मदद से सांप बन गए और उन दोनों को काट लिया।
हत्या के आरोप में इन लोगों को 4 अक्टूबर को एक तयशुदा जगह पर बुलाया लेकिन उनमें से एक हरिराम वहां नहीं पहुंचा। उनके बाद जादूगरों ने अनुष्ठान कार्य शुरू किया और उन्हें पेसाब पीने के लिए मजबूर किया।
यह मामला उस वक्त सामने आया जब 4 अक्टूबर से गायब हरिराम के बेटे ने पुलिस में इसकी शिकायत की। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि पेसाब के नाम पर जिस तरल पदार्थ को इन चारों को पिलाया गया उसे जांच के लिए भेज दिया गया है।
