फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   sudhir and lakshmikant sharma are involved in vyapam scam too

व्यापमं घोटाले में भी लक्ष्मीकांत शर्मा का हाथ: दिग्विजय सिंह

Thu, 01 Aug 2013 05:08 PM IST
Updated Thu, 01 Aug 2013 05:08 PM IST
विज्ञापन
sudhir and lakshmikant sharma are involved in vyapam scam too

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि मप्र में खनिज और जमीन के बाद अब व्यावसायिक परीक्षा मंडल माफिया भी उजागर हुआ है। व्यापमं घोटाले में भी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और सुधीर शर्मा की पार्टनरशिप है।

विज्ञापन


दिग्विजय सिंह के मुताबिक व्यापमं में न केवल पीएमटी बल्कि अन्य परीक्षाओं में भी सौदे हो रहे हैं। सुधीर के करीबी पंकज त्रिवेदी को नियम विरुद्ध डायरेक्टर व कंट्रोलर बनाया गया, ताकि घोटाले किए जा सकें। दो पदों पर एक ही व्यक्ति की नियुक्ति करने के बाद व्यापमं की सभी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार किया गया।
विज्ञापन

 
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस घोटाले की सीबीआई जांच होने पर ही सच्चाई सामने आ सकती है। दिग्विजय ने कहा कि डॉ. दीपक यादव भी एक भाजपा नेता का करीबी है। जब उनसे उस नेता का नाम पूछा गया तो वे टाल गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या था मामला
भोपाल में दो उद्योगपति सुधीर शर्मा और दिलीप सूर्यवंशी के यहां आयकर विभाग के छापे में कुछ डायरियां बरामद हुई थीं। इन डायरियों में मध्यप्रदेश के संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को कई लाख रुपए रिश्वत देने की बात कही गई थी।


अखबार को दिया नोटिस
खनिज कारोबारियों दिलीप सूर्यवंशी व सुधीर शर्मा से रिश्वत लेने संबंधी समाचार प्रकाशित करने पर खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल और उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने अखबार समूह को नोटिस जारी किया है। शुक्ल ने आयकर विभाग को भी नोटिस दिया है। अपने नोटिस में शुक्ल ने आरोप लगाया कि आयकर विभाग और अखबार समूह के बीच सांठगांठ है। वहीं शर्मा ने कहा कि अखबार समूह के स्पष्टीकरण के बाद आयकर विभाग पर कार्यवाही के बारे में सोचेंगे।


दिग्विजय के पास विकास का कोई दृष्टि पत्र नहीं : तोमर
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि दिग्विजय सिंह के पास विकास का कोई दृष्टि पत्र नहीं है। वे तो चरित्र हनन और हिंसा की राजनीति कर रहे हैं। दस साल तक शासन कर पहले मप्र को लूटा, अब वे और उनकी पार्टी केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई, एनआईए और इनकम टैक्स का सहारा लेकर न केवल गठबंधन की राजनीति कर रहे हैं, बल्कि चुनाव भी जीतना चाहते हैं। तोमर ने कहा कि दिग्विजय सिंह ड्रग ट्रायल और व्यापमं के विषय में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की बात कर रहे हैं, जबकि मप्र सरकार ने ही अपने स्तर से न केवल जांच की, बल्कि दोषियों को दंडित भी किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed