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Shivpuri News: दिव्यांग शरीर है आत्मा नहीं...मंगलम शिवपुरी में आयोजित हुआ दिव्यांगजन उत्साहवर्धन कार्यक्रम
Tue, 01 Aug 2023 05:09 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 01 Aug 2023 05:09 PM IST
सार
शिवपुरी में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग मध्यप्रदेश शासन एवं ब्रह्मकुमारी आश्रम के सहयोग से दिव्यांगजनों के उत्साहवर्धन एवं मनोबल बढ़ाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन पूरे मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस अभियान को मध्यप्रदेश दिव्यांग समानता, सरंक्षण एवं सशक्तिकरण अभियान नाम दिया गया है।
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दिव्यांगजन उत्साहवर्धन कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंटआबू से दिव्यांग समानता संरक्षण एवं सशक्तिकरण का यह अभियान देश के विभिन्न राज्यों में होते हुए मंगलवार को शिवपुरी जिले में हुआ। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र मंगलम भवन में दिव्यांगजनों के लिए विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें ब्रह्मकुमारी सरिता बहन ने बताया, मेडिकल कारणों से कभी-कभी व्यक्ति के विशेष अंगों में दोष उत्पन्न हो जाता है, जिसकी वजह से उन्हें समाज में विकलांग की संज्ञा दे दी जाती है।
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उन्होंने कहा, आमतौर पर हमारे देश में दिव्यांगों के प्रति दो तरह की धारणाएं देखने को मिलती हैं। पहला यह कि जरूर इसने पिछले जन्म में कोई पाप किया होगा, इसलिए उन्हें ऐसी सजा मिली है और दूसरा कि उनका जन्म ही कठिनाइयों को सहने के लिए हुआ है। इसलिए उन पर दया दिखानी चाहिए। हालांकि, यह दोनों धारणाएं पूरी तरह बेबुनियाद और तर्कहीन हैं।
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कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मकुमारी आश्रम शिवपुरी की वरिष्ठ साधिका दीदी ने अष्टावक्र की कहानी के माध्यम से दिव्यांग मित्रों को समझाया कि हमारा शरीर नहीं आत्मा श्रेष्ठ है। साधिका बहनों द्वारा उपस्थित जन एवं दिव्यांग भाइयो को रक्षा सूत्र बांधा गया और बदले में उपहार स्वरूप मांग की, कि आप अपना मूल्यांकन करें और आपके अंदर जो भी बुराई है उसे हमें दे दें। यही हमारा उपहार होगा। हम दिव्यांग नहीं हैं, क्योंकि जो मान गया वो हार गया और जो ठान गया वो जीत गया। शरीर दिव्यांग हो सकता है, परन्तु आत्मा नहीं। हम सभी एक समान आत्मा हैं। उन्होंने अत्यधिक सरल उदाहरण देते हुए समझाया कि हमारा शरीर एक कार है और आत्मा उसकी चालक। यह चालक स्थिर एवं स्वस्थ्य रहेगा तो शरीर रूपी यह कार अच्छी तरह चलेगी। इसलिए हमें अपने आत्मबल को बढ़ना है। अत: आप हमेशा अपने आत्मबल को बढ़ाएं और जीवन में बढ़ते जाएं।
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इसके उपरांत दिव्यांगजन के मनोरंजन एवं ज्ञान वर्धन के लिए सांप सीढ़ी एवं स्माइली जैसे मनोरंजक खेल एक अनोखे अंदाज में खिलाए गए। जहां उन्हें इस खेल के साथ-साथ आत्मज्ञान भी प्राप्त हुआ। दिव्यांग भाइयो ने इस संक्षिप्त कार्यक्रम में खूब आनंद लिया। ममता शाक्य डिप्टी कलेक्टर और पदेन उपसंचालक दिव्यांगजन शिवपुरी द्वारा मुख्य अतिथि के आसंदी से दिव्यांग भाइयों को उत्साहवर्धन किया गया।
मंगलम कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद भार्गव, शिल्पी मिश्रा समग्र अधिकारी सामाजिक न्याय, डॉ दयाल सिंह राजपूत, विकास शर्मा, संजीव भार्गव, संजय कसौटिया, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं सर्व श्री विवेक काले, जगदीश प्रसाद, अनवर खां, मुकेश झा, मस्तराम यादव, संतोष यादव और निसार खां मंगलम् शिवपुरी कार्यक्रम आयोजन में विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर संस्थान की क्षेत्रीय सेवा केंद्र प्रभारी रमा कुमारी शबनम बहन जी, यात्रा प्रबंधन ब्रम्हाकुमारी सरिता बहन ब्रम्हाकुमारी किरण ब्रह्माकुमार दीपेंद्र ब्रह्मा कुमार प्रियांशु ब्रह्मा कुमार प्रसाद भाई उपस्थित रहे।
