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MP News: शिक्षा मंडल भोपाल की लापरवाही, शिवपुरी की छात्रा पहले गणित में हुई फेल, री-टोटलिंग में पाई 60 अंक
Mon, 03 Jun 2024 10:42 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 03 Jun 2024 10:42 PM IST
सार
छात्रा के साथ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की लापरवाही के कारण उसके गणित विषय में 60 अंक की जगह सात अंक दिए गए थे, जिससे छात्रा बहुत परेशान थी कि ऐसा कैसे हो सकता है। मेरे नंबर इतने कम कैसे आ सकते हैं। मेरी सप्लीमेंट्री कैसे आ सकती है। फिर से री-टोटलिंग करवाई तो वह लैपटॉप की पात्र हुई।
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छात्रा और उसके परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिवपुरी जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की लापरवाही का मामला सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में शिवपुरी के बामौरकलां की रहने वाली छात्रा सिद्धि गुप्ता पुत्री विवेक गुप्ता ने इस साल गणित संकाय से 12वीं कक्षा के पेपर दिए। लेकिन जब रिजल्ट आया तो सिद्धि गुप्ता को गणित विषय में मात्र सात अंक दे दिए गए और उसकी सप्लीमेंट्री आ गई।
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छात्रा सिद्धि गुप्ता को अपना यह रिजल्ट देखकर विश्वास ही नहीं हुआ कि उसके गणित में इतने कम अंक कैसे आ गए। जबकि उसका तो अच्छा पेपर गया था। लेकिन जब छात्रा ने री-टोटलिंग के लिए आवेदन दिया और इसकी जांच हुई तो पता चला की गणित संकाय में छात्रा सिद्धि गुप्ता पुत्री विवेक गुप्ता के सात अंक नहीं, बल्कि 60 अंक आए थे। कॉपी की री-टोटलिंग कराए जाने पर परीक्षा जांचने की गलती पकड़ी गई। री-टोटलिंग के बाद रिजल्ट सही आने पर छात्रा सिद्धि गुप्ता ने कहा कि मैं इतने दिनों तक मानसिक और सामाजिक प्रेशर में रही। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल जिम्मेदार है। लेकिन आगे इस तरह की गलती न हो, इस पर माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड को ध्यान देने की आवश्यकता है।
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पहले आई सप्लीमेंट्री, जांच कराई तो लैपटॉप के लिए हो गई पात्र
एमपी बोर्ड की इस लापरवाही के इस मामले में सबसे ज्यादा छात्रा के परिवारजनों को बहुत परेशानी हुई। क्योंकि छात्रा पढ़ने में अच्छी थी। गणित विषय में मात्र सात अंक देखकर उनको भी इस पर विश्वास नहीं हुआ कि सिद्धि गुप्ता का पेपर तो अच्छा गया था। लेकिन इतने कम अंक कैसे आए, लेकिन जब री-टोटलिंग कराई गई तो गलती पकड़ में आई और पहले जिस छात्रा की सप्लीमेंट्री आई थी इसके बाद अब वह लैपटॉप योजना के लिए पात्र हो गई है। क्योंकि कक्षा 12वीं के 500 टोटल अंक में से अब उसके 423 अंक हो गए हैं। पहले गणित संकाय में मात्र सात अंक दिए जाने के कारण टोटल 363 था। लेकिन अब री-टोटलिंग के बाद गणित संख्या में 60 अंक हो जाने के बाद छात्रा सिद्धि गुप्ता के 500 में से 423 अंक हो गए हैं। इस तरह से सिद्धि गुप्ता की 12वीं में 84.6 प्रतिशत बनी है।
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ट्यूशन पढ़ने वाले शिक्षक भी बोले मुझे भी विश्वास नहीं हुआ था
बामौरकलां की रहने वाली सिद्धि गुप्ता को गणित संकाय में ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक शिवम जैन ने बताया कि जब बीते दिनों 12वीं का रिजल्ट आया और सिद्धि गुप्ता के गणित में मात्र सात अंक आए तो उन्हें भी विश्वास नहीं हुआ कि मैं इतने दिनों से सिद्धि गुप्ता को पढ़ा रहा हूं और पढ़ने में अच्छी है। लेकिन इतने कम कैसे आए, इसको लेकर विश्वास नहीं हुआ और हमने री-टोटलिंग कराई। इसके बाद अंक सात की बजाए 60 हो गए।
