MP News: सिर से माता-पिता का साया उठा, कोविड बाल कल्याण योजना के सहारे युवक का नौसेना में चयन
मध्यप्रदेश में शाजापुर जिले के निवासी एक युवक के जीवन में कोविड बाल कल्याण योजना ने खुशियां भर दी। युवक के माता-पिता इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन इस योजना के तहत युवक का नौसेना मेडिकल ब्रांच में चयन हुआ है।
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मध्यप्रदेश में शाजापुर जिले के ग्राम उगली निवासी अभय पाटीदार के सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। ऐसे में वह निराश था और उसके उम्मीदों पर पानी फिरता दिखाई दे रहा था। ऐसे कठिन समय में कोविड बाल कल्याण योजना मददगार बनी और अभय के सपने सच हो गए। अभय का चयन नौसेना की मेडिकल ब्रांच में हुआ है। चयन होने पर अभय और उसका भाई बेहद खुश हैं। अभय की इस उपलब्धि पर कलेक्टर दिनेश जैन ने कलेक्ट्रेट में सम्मान किया और शुभकामनाएं दी।
ऐसा रहा अभय का जीवन
बच्चों का जन्म होने पर माता-पिता खुशियां मनाते है और उनके बड़े होने पर उनमें सपने साकार करने का प्रयत्न करते हैं। लेकिन बच्चे के बड़े होने से पहले ही माता-पिता का हाथ बच्चों के सिर से हट जाता है तो ऐसे में जीवन संर्घषमय हो जाता है। ऐसी ही परिस्थितियां ग्राम उगली में जन्में अभय पाटीदार के साथ हुई। अभय पाटीदार के पिता अशोक पाटीदार और माता कृष्णा पाटीदार की मौत हो चुकी है। इस दौरान महिला एवं बाल विकास की ओर से संचालित मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के तहत अभय पाटीदार और उनके भाई को लाभ मिला, जिससे की उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। इसी दौरान अभय पाटीदार भारतीय नौसेना की परीक्षा में सम्मिलित हुए और उनका चयन नौसेना के मेडिकल ब्रांच में सेलर पद पर हुआ। अब वह नौसेना में मुंबई में पदस्थ हैं।
यह है कोविड बाल कल्याण योजना
कोविड-19 से अनेक परिवारों में आजीविका उपार्जन करने वाले माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु हुई है। ऐसे प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए राज्य सरकार अभिभावक की भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसे बच्चों की सहायता के लिए 21 मई 2021 को मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना शुरू की। योजना में अभी तक 1001 बाल हितग्राहियों को आर्थिक और खाद्य सुरक्षा प्रदान की गई है। प्रदेश के 34 जिलों में शत-प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। इन बाल हितग्राहियों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार उठाएगी।
योजना में मिलता है यह लाभ
मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत प्रत्येक बाल हितग्राही को पांच हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यदि हितग्राही की आयु 18 साल से कम है तो चिन्हांकित संरक्षक और बच्चे के संयुक्त खाते में तथा 18 साल की आयु पूरी करने के बाद हितग्राही के व्यक्तिगत खाते में जमा की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक बाल हितग्राही तथा उनके संरक्षक को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में नि:शुल्क मासिक राशन प्रदाय किया जाता है। शिक्षा सहायता अन्तर्गत बाल हितग्राहियों को स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और विधि शिक्षा के लिए शासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।
