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Shahdol: नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती चौकी हवलदार के भरोसे, 29 गांवों की है जिम्मेदारी
Fri, 02 Jun 2023 03:53 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 02 Jun 2023 03:53 PM IST
सार
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर शहडोल जिले में स्थित दरसिला चौकी प्रधान आरक्षक के भरोसे है। यहां चौकी प्रभारी दो महीने से छुट्टी पर है। एसआई न होने से छह लोगों के स्टाफ पर 30 किलोमीटर इलाके की जिम्मेदारी है।
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दरसिला चौकी शहडोल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के अंतिम छोर पर छत्तीसगढ़ सीमा से लगी दरसिला चौकी पिछले दो माह से प्रधान आरक्षक के भरोसे है। यह चौकी जैतपुर थाना क्षेत्र में आती है। पिछले दो माह से चौकी प्रभारी छुट्टी पर है। सहायक उपनिरीक्षक की यहां पदस्थापना नहीं है। इस वजह से चौकी का प्रभार प्रधान आरक्षक के कंधे पर है। इस समय यहां एक प्रधान आरक्षक एवं पांच आरक्षक समेत कुल छह का स्टाफ है। नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में होने से यह चौकी संवेदनशील मानी जाती है। इस वजह से लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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दरअसल, दरसिला चौकी में एक एसआई, एक एएसआई, चार प्रधान आरक्षक और आठ आरक्षक पद स्वीकृत है। कुछ महीने से यहां न तो सब इंस्पेक्टर है और न ही एएसआई। यहां स्वीकृत पदों के हिसाब से भी पुलिसकर्मियों की पदस्थापना नहीं हुई है। प्रभारी भी दो माह से अवकाश पर हैं। वर्तमान समय चौकी में केवल एक प्रधान आरक्षक और पांच आरक्षक तैनात है। चौकी के अंतर्गत 29 गांव आते हैं। इसका क्षेत्रफल लगभग 30 किलोमीटर में फैला है। ऐसे मे अपराधों पर अंकुश लगाने में परशानी हो रही है। यदि कोई घटना होती है तो 15 किलोमीटर दूर स्थित झींक बिजुरी के चौकी प्रभारी को दरसिला जाना पड़ता है। हालत यह है कि झींक बिजुरी की चौकी में भी स्वीकृत के मुकाबले कम स्टाफ है। वहां केवल एक एसआई एवं एक एएसआई है। तीन प्रधान आरक्षक और दो आरक्षक ही हैं। झींक बिजुरी की चौकी का क्षेत्र 26 गांवों तक फैला है। सबसे ज्यादा दिक्कत न्यायालयीन कार्यों में आ रही है। जब प्रधान आरक्षक को कोर्ट जाना होता है तो काम ठप ही हो जाता है।
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जैतपुर थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह का कहना है कि दरसिला चौकी प्रभारी दो माह से अवकाश पर है। झींक बिजुरी चौकी प्रभारी के पास अतिरिक्त प्रभार दिया है। कोई बड़ा मामला होने पर वह दर्शीला चौकी पहुंचकर मामले की विवेचना करते हैं।
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