{"_id":"6614b56bef53db1e0e0eb108","slug":"lok-sabha-chunav-2024-political-equation-in-shahdol-constituency-himadri-vs-mla-marko-bjp-congress-candidate-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Lok Sabha Chunav: शहडोल सीट का सयासी गणित? भाजपा ने MP हिमाद्री तो कांग्रेस ने MLA मार्को पर लगाया दांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Lok Sabha Chunav: शहडोल सीट का सयासी गणित? भाजपा ने MP हिमाद्री तो कांग्रेस ने MLA मार्को पर लगाया दांव
Tue, 09 Apr 2024 10:44 AM IST
उदित दीक्षित
कमलेश सेन
कमलेश सेन
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 09 Apr 2024 10:44 AM IST
सार
Political Equation in Shahdol Constituency: लोकसभा चुनाव में शहडोल के मतदाता नोटा का भी भरपूर उपयोग करते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 21 हजार 376 और 2019 में 20 हजार 39 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया था जो प्रदेश भर में एक रिकॉर्ड था।
विज्ञापन
शहडोल लोकसभा सीट का इतिहास।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Political Equation in Shahdol Constituency: मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की सीटें मालवा निमाड़ में अधिक हैं तो शहडोल में भी जनजाति बहुल इलाका है। विंध्य की शहडोल लोकसभा सीट आरंभ से ही आरक्षित रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में शहडोल लोकसभा में आठ सीटें थीं। उसमें से सात पर भाजपा और एक पर कांग्रेस की जीत हुई थी। पुष्पराजगढ़ से कांग्रेस के फुंदेलाल सिंह मार्को को विजय मिली थी।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2024 में शहडोल से कांग्रेस ने विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने मौजूदा सांसद हिमाद्री सिंह को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस में ही मुख्य मुकाबला है।
विज्ञापन
भाजपा और कांग्रेस के पास समान अवसर
शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की 2 लाख 8 हजार 346 मतों की बढ़त है। इसे कांग्रेस को पहले पाटना होगा और बाद में अपने उम्मीदवार की जीत के लिए विजयी मत के लिए प्रयास करना होगा। पुष्पराजगढ़ से फुंदेलाल 4 हजार 486 मतों से विजयी रहे हैं। शहडोल लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा के आठों क्षेत्रों में यह सबसे छोटी जीत रही है। शहडोल क्षेत्र भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के लिए समान अवसर वाला क्षेत्र रहा है। भाजपा को 7, कांग्रेस को 6 और निर्दलीय, जनता दल और सोशलिस्ट पार्टी को एक-एक बार सफलता मिली है। भाजपा के दलपत सिंह शहडोल से सबसे ज्यादा बार सांसद चुने गए हैं। 1967 से 1989 तक क्षेत्र से विजयी उम्मीदवारों को क्षेत्र में डाले गए वैध मतों के 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए हैं। 1991 से यह प्रतिशत 50 के अंदर रहने लगा था। 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त करने का सिलसिला 2014 में दलपतसिंह परस्ते से 2019 में हिमाद्री सिंह तक पचास प्रतिशत से अधिक रहा। ये दोनों उम्मीदवार भाजपा के थे।
विज्ञापन
निर्दलीय खड़े हुए थे मनमोहन सिंह
1989 के चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में खड़े हुए थे, उनका नाम मनमोहन सिंह था। उन्हें 12,101 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री का नाम भी मनमोहन सिंह था। इसी तरह 1998 में अजेय भारत पार्टी से कल्याणसिंह खड़े हुए थे उन्हें 4480 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम भी कल्याण सिंह था। यह एक विचित्र संयोग रहा है।
अजित जोगी हार गए थे
1999 में प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अजित जोगी ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था पर उन्हें विजय प्राप्त नहीं हुई। सत्तर के दशक में अजित जोगी शहडोल के जिला कलेक्टर रहे थे और उनकी जनजातीय समुदाय में काफी प्रसिद्धि थी।
नोटा का भरपूर उपयोग
लोकसभा चुनाव में ईवीएम में नोटा का विकल्प होने से शहडोल के मतदाता नोटा का भरपूर उपयोग करते हैं। वर्ष 2014 में 21 हजार 376 और 2019 के चुनाव में 20 हजार 39 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया था जो प्रदेश में रिकॉर्ड था।
सांसद और विधायक में मुकाबला
शहडोल में इस बार मुकाबला सांसद और विधायक में है। देखना है कौन विजय हासिल करता है। शहडोल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सभा ले चुके हैं और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी की सभा भी हो चुकी है। देखना है मतदाता किसे जिताता है।
